एसीडी के नाम पर बिजली उपभाेक्ताओं से एडवांस राशि वसूली के विरोध में उतरे जनप्रतिनिधि

एसीडी डिमांड के नाम पर बिजली उपभाेक्ताओं से लिए जा रहे चार महीने व दाे महीने के एडवांस बिल मामले में अब शहर के जनप्रतिनिधि विराेध में उतर आए हैं। बीजेपी सहित सभी पार्षदाें ने मीटिंग कर मेयर गाैतम सरदाना काे मांग पत्र साैंपा है कि सरकार तक मामला पहुंचाए और सिक्योरिटी के नाम पर लाेगाें काे डाला जा रहा अतिरिक्त बाेझ हटवाया जाए।

एडवांस कंजेप्शन डिमांड यानि एसीडी लिए जाने के विरोध में पार्षदों ने मेयर गौतम सरदाना को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम मांग पत्र सौंपा। सीनियर डिप्टी मेयर अनिल सैनी व डिप्टी मेयर जयवीर सिंह गुर्जर उपस्थित रहे। पार्षदों ने मेयर से मांग कि कोविड 19 के कारण पहले आम जनता की आर्थिक स्थिति खराब है। ऐसे में सरकार द्वारा एसीडी लेने से जनता में रोष है।

डीएचबीवीएन द्वारा बिजली के बिल के साथ सिक्योरिटी जमा करवाने की नई नीति के विरोध में पार्षद अमित ग्रोवर ने शहरवासियों के साथ बैठक कर इस नीति को वापिस लेने की मांग की है। पार्षद ग्रोवर ने कहा कि वह शहर के व्यापारियों और शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लोगों से संपर्क करेंगे। और कनेक्शन काटे तो विरोध किया जाएगा

उपभाेक्ता काे दाे बार 2-2 हजार रुपये एसीडी के नाम पर जमा कराने हाेंगे। नाॅनडाेमेस्टिक का महीने का बिल बनता है यानी 4 हजार रुपये हाे गए। एडीएस में अगर किसी के 2 हजार रुपये जमा है ताे उसके 1 -1 हजार रुपये दाे बार ले लेगा। अगर यही कनेक्शन घरेलू है ताे दाे बिल है ताे उसका आठ हजार रुपये देने हाेंगे। अगर उसके चार हजार रुपये जमा करवा रखे हैं ताे उससे दाे बार में चार हजार रुपये जमा कराना हाेगा। अगर ज्यादा है ताे उसकाे वापस मिल जाएंगे।

 

बैठक की अध्यक्षता पार्षद टीनू जैन व रेजिडेंट वेलफेयर एसो. के अध्यक्ष विनोद धवन ने संयुक्त रूप से की। बैठक में आरडब्ल्यूए के प्रधान विनोद धवन ने सचिव गौरव गोयल, संरक्षक प्रवीण सिंघल, उपाध्यक्ष एडवोकेट राजकिशन, कार्यकारिणी सदस्य दीपक अरोड़ा, सुखबीर बूरा, प्रवीण बंसल कोषाध्यक्ष, आदि रहे।

 

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