गुजरात और राजस्थान में चांदीपुरा वायरस की जांच तेज; सैंडफ्लाई, जानवरों के सैंपल और जीनोम सीक्वेंसिंग पर काम जारी
नई दिल्ली: देश में चांदीपुरा वायरस (CHPV) के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुजरात और राजस्थान में नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रेस्पॉन्स टीम (NJORT) को तैनात कर दिया है। यह टीम स्थानीय स्वास्थ्य विभागों के साथ मिलकर बीमारी की रोकथाम, मरीजों के इलाज और वायरस के सोर्स का पता लगाने में मदद करेगी।
मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम तैनात: NCDC, ICMR और पशुपालन विभाग के विशेषज्ञ जमीन पर उतरकर महामारी (Outbreak) की जांच कर रहे हैं।
इंसानों के साथ जानवरों पर भी नजर: वायरस के ट्रांसमिशन साइकिल को समझने के लिए गाय, भैंस और बकरियों के ब्लड और दूध के 70 से ज्यादा सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
वाहक (Vector) की जांच: माना जाता है कि यह वायरस मुख्य रूप से सैंडफ्लाई (बालू मक्खी) से फैलता है, लेकिन वैज्ञानिक मच्छर और किलनी (Ticks) जैसे अन्य कीटों की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं।
जीनोम सीक्वेंसिंग शुरू: गांधीनगर के GBRC में वायरस के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वायरस के रूप (Variant) में कोई बदलाव हुआ है या नहीं।
मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम तैनात: NCDC, ICMR और पशुपालन विभाग के विशेषज्ञ जमीन पर उतरकर महामारी (Outbreak) की जांच कर रहे हैं।
इंसानों के साथ जानवरों पर भी नजर: वायरस के ट्रांसमिशन साइकिल को समझने के लिए गाय, भैंस और बकरियों के ब्लड और दूध के 70 से ज्यादा सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
वाहक (Vector) की जांच: माना जाता है कि यह वायरस मुख्य रूप से सैंडफ्लाई (बालू मक्खी) से फैलता है, लेकिन वैज्ञानिक मच्छर और किलनी (Ticks) जैसे अन्य कीटों की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं।
जीनोम सीक्वेंसिंग शुरू: गांधीनगर के GBRC में वायरस के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वायरस के रूप (Variant) में कोई बदलाव हुआ है या नहीं।
‘वन हेल्थ’ एप्रोच: केंद्र सरकार इंसानों, जानवरों और कीटों तीनों के स्तर पर एक साथ निगरानी रखकर बीमारी को काबू में करने की कोशिश कर रही है।


