बदलते मौसम के कारण फेल रही है बीमारियाँ, बचाव है सबसे ज़रूरी

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मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण शिमला और आसपास के क्षेत्रों में असामान्य सा मौसम बना हुआ है. इस बदलाव के कारण वायरल के मामलें सामने आ रहे है. जिसमें खांसी, जुखाम, बुखार जैसे लक्षण देखने को मिलते है. हालांकि यह वायरल सेल्फ लिमिटेड होता है. इसका असर 1 से 2 दिन ही रहता है. इसके लिए लोग एंटीबायटिक का इस्तेमाल करते है. जो सरासर गलत है. यदि वायरल के लक्षण 1 या 2 दिन से ज्यादा रहते है तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए. डॉक्टर की सलाह अनुसार दवाइयां लेनी चाहिए.

आईजीएमसी के हेड ऑफ डिपार्टमेंट, प्रोफेसर एवम् एमडी मेडिसिन डॉ बलबीर सिंह वर्मा ने कहा कि शिमला और आस पास के क्षेत्रों में बार-बार मौसम बदल रहा है. यहां बदलते मौसम के चलते कभी ठंडी हवा चलने लगती है तो कभी तेज धूप की वजह से गर्मी पड़ना शुरू हो जाता है. इस तरह के मौसम में वायरल के मामले बढ़ जाते है.

वायरल में न लें एंटीबायोटिक
डॉ वर्मा ने बताया कि वायरल के दौरान गला खराब, जुखाम, गले में दर्द, बुखार जैसे मामलें सामने आते है. यह वायरल सेल्फ लिमिटिंग होता है. यह लक्षण 1 से 2 दिन में ठीक हो जाता है. ऐसे में एंटीबायोटिक का सेवन करना ठीक नहीं होगा. इससे एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस हो सकता है. एक समय के बाद एंटीबायोटिक असर करना बंद कर देती है. हालांकि, यदि वायरल का असर 3 से 4 दिन रहता है तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए. डॉक्टर की सलाह अनुसार दवाइयां लेनी चाहिए.

इन रोगों के लिए वायरल घातक
डॉ वर्मा ने बताया कि जो लोग दमा, हार्ट फेलियर, किडनी, गठिया जैसे रोगों से ग्रसित है. जिनके कोई स्टियोराइड्स या इमियुनो सप्रेशन चल रहे है. ऐसे लोगों को ज्यादा सावधान रहने की आवश्कता है. ऐसे लोगों की पहले से चल रही बीमारी के लिए वायरल हानिकारक हो सकता है. ऐसे लोग मॉर्निंग वॉक पर या अपने अन्य कार्यों के लिए मास्क लगा कर ही बाहर निकलेंगे है तो उनमें इन्फेक्शन रेट कम होगा. मास्क लगाने से गर्म हवा बाहर आएगी और गर्म हवा ही अंदर जाएगी. जिससे ठंड लगने का खतरा कम हो जायेगा.

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