सोल, 5 अगस्त । दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने कहा है कि वैश्विक उथल-पुथल के इस दौर में कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता बनाए रखना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ली के अनुसार शांति केवल सुरक्षा का नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन से भी जुड़ा मसला है।
योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, राष्ट्रपति ली ने विदेश, एकीकरण और रक्षा मंत्रालयों से नीतिगत ब्रीफिंग लेने से पहले कहा, “दुनिया इस समय बड़े बदलाव और उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है।” उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया पहले भी शांति भंग होने के दुष्परिणाम देख चुका है, इसलिए शांति के महत्व को जितना भी रेखांकित किया जाए, वह कम है।
शांति और अर्थव्यवस्था का संबंध राष्ट्रपति ली ने जोर देकर कहा कि “शांति ही भोजन है, शांति ही अर्थव्यवस्था है।” प्रायद्वीप में शांति बनाए रखने से निवेश और आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहतर माहौल तैयार होता है। ली ने इस बात पर भी खेद जताया कि दक्षिण कोरिया में सुरक्षा और कूटनीति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे राजनीतिक दलों के बीच टकराव का विषय बन गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार शोर मचाने के बजाय अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए ठोस परिणाम देने पर ध्यान देगी।
उत्तर कोरिया से संवाद का प्रयास उत्तर कोरिया से सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिलने के बावजूद, उन्होंने एकीकरण मंत्रालय को शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और संवाद की नीति जारी रखने के निर्देश दिए हैं। ली अर्थव्यवस्था को दुरुस्त बनाने को लेकर भी काफी फिक्रमंद हैं। योनहाप के अनुसार, देश में रियल एस्टेट मार्केट को लेकर राष्ट्रपति ली जे म्युंग शुक्रवार को अहम फैसला ले सकते हैं। रियल एस्टेट पर कड़ा रुख अर्थव्यवस्था को लेकर चिंतित राष्ट्रपति ली इस हफ्ते बंद कमरे में बैठक कर आवास आपूर्ति बढ़ाने और रियल एस्टेट की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए बड़ी नीति का रिव्यू कर सकते हैं।


