Best Mutual Fund : हर निवेशक चाहता है कि उसे मोटा रिटर्न उसके निवेश पर मिले. अगर पैसा कुछ ही साल में डबल हो जाए तो क्या कहना. एफडी या आरडी जैसे परंपरागत निवेश विकल्पों में पैसा दोगुना होने में काफी समय लगता है. लेकिन, शेयर बाजार में लगाया पैसा तेजी से बढता है. हालांकि, इसमें रिस्क बहुत ज्यादा होता है. लेकिन, अगर म्यूचुअल फंड के माध्यम से इक्विटी में निवेश किया जाए तो रिस्क काफी कम हो जाता है.

निप्पॉन इंडिया ETF निफ्टी पीएसयू बैंक फंड का तीन साल का एबसॉल्यूट रिटर्न 216 फीसदी रहा है. इस फंड का सालाना औसतन रिटर्न 46.71% फीसदी रहा है. 3 साल में 1 लाख निवेश की वैल्यू: 3,16,786 रुपये हो गई. इस फंड का साइज फंड साइज 2560.7 करोड़ रुपये है.

कोटक निफ्टी पीएसयू बैंक ETF ने भी तीन साल में निवेशकों को मोटा रिटर्न दिया है. इस फंड का तीन 3 साल का एबसॉल्यूट रिटर्न 216.27 फीसदी रहा है. 3 साल में 1 लाख रुपये बढकर 3,16,265 रुपये हो गए. फंड साइज 1379.35 करोड़ रुपये और एक्सपेंस रेश्यो 0.49% है.

एबीएसएल पीएसयू (ABSL PSU) इक्विटी फंड का तीन साल का औसतन रिटर्न 42 फीसदी रहा है. वहीं, 3 साल का एबसॉल्यूट रिटर्न 187 फीसदी रहा है. 3 साल पहले अगर किसी निवेशक ने इस फंड में 1 लाख रुपये लगाए थे, उसके निवेश की वैल्य अब बढकर 2,87,381 रुपये हो चुकी है. एबीएसएल पीएसयू फंड का साइज 33303 करोड़ रुपये है, वहीं इसका एक्सपेंस रेश्यो 0.53 फीसदी है.

क्वांट स्मॉलकैप फंड ने भी पिछले तीन सालों मे निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है. 3 साल में इसका औसतन रिटर्न 41.96 फीसदी रहा है. वहीं, इस अवधि में इस फंड ने 186.95 फीसदी एबसॉल्यूट रिटर्न दिया है. 3 साल में 1 लाख निवेश की वैल्यू 2,86,936 रुपये हो चुकी है. इस फंड का साइज 17193 करोड़ रुपये और एक्सपेंस रेश्यो 0.70 फीसदी है.

ICICI प्रूइंफ्रास्ट्रक्चर फंड ने भी तीन साल में 169 फीसदी एबसॉल्यूट रिटर्न दिया है. यानी तीन साल में निवेशकों का पैसा दोगुना से ज्यादा बढ गया है. इस अवधि में इस फंड का सालाना औसतनन रिटर्न 39 फीसदी रहा है. 3 साल में 1 लाख रुपये 2,68,746 रुपये हो चुके हैं. ICICI प्रूइंफ्रास्ट्रक्चर फंड का साइज 4932.44 करोड़ रुपये है और इसका एक्सपेंस रेश्यो 1.02 फीसदी है.


