15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी आतिशी बल्लेबाजी से हर तरफ सनसनी फैला रखी है
Vaibhav Suryavanshi IIM Study15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की सफलता पर आईआईएम इंदौर करेगा अध्ययन
इंदौर, 2 जून (TNT)। महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी आतिशी बल्लेबाजी से हर तरफ सनसनी फैला रखी है। आईपीएल में कम उम्र में अपनी असाधारण प्रतिभा और शानदार प्रदर्शन से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले वैभव अब एक खास अकादमिक अध्ययन का विषय बनेंगे।
दरअसल, IIM इंदौर उनकी 15 वर्ष की आयु में मिली सफलता, उसके पीछे के कारणों और उपलब्धियों के प्रभावों पर व्यापक शोध करेगा।
IIM इंदौर के डायरेक्टर हिमांशु राय ने कहा सही वातावरण, मार्गदर्शन और अवसर मिलें तो वह असाधारण परिणाम दे सकती है
Vaibhav Suryavanshi IIM Study आईआईएम IIM इंदौर के डायरेक्टर हिमांशु राय ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी की यात्रा इस बात का प्रमाण है कि असाधारण प्रतिभा को यदि सही वातावरण, मार्गदर्शन और अवसर मिलें तो वह असाधारण परिणाम दे सकती है। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़ी उपलब्धि के पीछे केवल व्यक्ति का प्रयास नहीं होता, बल्कि परिवार, प्रशिक्षकों, सामाजिक सहयोग और संस्थागत समर्थन की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
कम उम्र में मिलने वाले यश और सफलता अपने साथ कई तरह की चुनौतियां भी
Vaibhav Suryavanshi IIM Study हालांकि, हिमांशु राय ने माना कि कम उम्र में मिलने वाले यश और सफलता अपने साथ कई तरह की चुनौतियां भी लेकर आती हैं। उन्होंने कहा कि अचानक लगातार मौके मिलने, उम्मीदों का दबाव और सोशल मीडिया की निगरानी से युवा प्रतिभा प्रभावित हो सकती है। आईआईएम इंदौर के डायरेक्टर के मुताबिक, विश्व स्तर पर ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं, जहां जरूरत से अधिक अपेक्षाओं और मानसिक दबाव की वजह से प्रतिभाशाली खिलाड़ी मानसिक थकान और भावनात्मक चुनौतियों का सामना करने के लिए मजबूर हुए हैं।
Vaibhav Suryavanshi IIM Study हिमांशु राय ने बताया कि इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए आईआईएम इंदौर इस विषय पर व्यापक अध्ययन करने जा रहा है। इस शोध में उन सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, पारिवारिक और संस्थागत कारणों का विश्लेषण किया जाएगा, जो कम उम्र में शानदार प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं के विकास में अहम किरदार निभाते हैं। उन्होंने बताया कि नेतृत्व, व्यवहार विज्ञान और मानव क्षमता के विशेषज्ञ मिलकर यह समझने का प्रयास करेंगे कि शुरुआती सफलता युवा प्रतिभाओं के आत्मविश्वास, व्यक्तिगत विकास और भविष्य की दिशा को किस तरह से प्रभावित करती है।
Vaibhav Suryavanshi IIM Study डायरेक्टर के अनुसार, इस अध्ययन का उद्देश्य महज एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी की सफलता का विश्लेषण करना नहीं है, बल्कि ऐसे निष्कर्ष तैयार करना है, जो भविष्य में उभरने वाली युवा प्रतिभाओं के लिए मार्गदर्शक साबित हो सकें। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य यह भी सुनिश्चित करना है कि खेल उपलब्धियों के साथ मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और समग्र विकास को समान महत्व मिले।
एसएम/एबीएम


