नेशनल वूमेन बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में रेलवे व हरियाणा की टीमों ने जीते सबसे ज्यादा स्वर्ण

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नेशनल वूमेन बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में रेलवे व हरियाणा की टीमों ने जीते सबसे ज्यादा स्वर्ण

5वीं एलीट राष्ट्रीय महिला मुक्केबाजी प्रतियोगिता में रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड व हरियाणा की टीमों ने 12 मुकाबलों में से 9 मुकाबलों में स्वर्ण पदक जीत लिये हैं। प्रतियोगिता के आखिरी दिन सेंट जोसेफ इंटरनेशनल स्कूल हिसार में हुए फाइनल मुकाबलों में आरएसपीबी ने 5 व हरियाणा की 4 बॉक्सर ने स्वर्ण पदक जीते। प्रतियोगिता में रेलवे की टीम को प्रथम व हरियाणा की टीम को द्वितीय स्थान मिला और उन्हें ट्राफी प्रदान की गयी। इसके अलावा तेलंगाना, दिल्ली व राजस्थान की एक-एक खिलाड़ी ने स्वर्ण पदक जीते। अब ये सभी खिलाड़ी दिसम्बर में होने वाली व्लर्ड चैम्पियनशिप में सीधे भाग ले सकेंगी। इस प्रतियोगिता के दौरान तेलंगाना की निखत जरीन ने 50-52 किलोग्राम भार वर्ग में पहली बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण जीता।
बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया व हरियाणा मुक्केबाजी संघ के द्वारा आयोजित और स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया व इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन के सहयोग से चल रही इस प्रतियोगिता के फाइनल्स में खिलाडिय़ों का मनोबल बढ़ाने के लिए बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष व स्पाइस जेट के सीईओ अजय सिंह मुख्य ने अध्यक्षता की और हरियाणा हेल्थ डिपार्टमेंट की डीजी डा. वीना सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रही। विशिष्ट अतिथि के तौर पर बीएफआई के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट राजेश भंडारी व वाइस प्रेसिडेंट महाऋषि देबोजी उपस्थित हुए। इसके अलावा बीएफआई के वाइस प्रेसिडेंट नरेन्द्र निर्माण, ज्वाइंट सेके्रटरी संतोष दत्ता, आर राजेन्द्रन, टेक्निकल डेलीगेट डा. डीपी भट्ट, कंपटीशन कमेटी के चेयरमैन एसके शांडिल्य, कमेटी के महासचिव राजन शर्मा, रिंग ऑफिशियल कमीशन के सेके्रटरी विरेन्द्र ठाकुर, अर्जुन अवार्डी, सिलेक्शन कमेटी के सदस्य व कर्नाटका बॉक्सिंग फेडरेशन के अध्यक्ष सीसी मछइया, द्रोणाचार्य व अर्जुन अवार्डी राजकुमार सांगवान, जितेन्द्र, जीएस संधू, शिव सिंह, अनूप, महावीर, सागर मल, भास्कर भट्ट व द्रोणाचार्य अवार्डी उषा नागाशेट्टी और जगदीश भी फाइनल्स देखने पहुंचे।
फाइनल मुकाबले काफी रोचक रहे और फाइनलिस्ट ने एक दूसरे को कड़ी टक्कर दी। सभी मुकाबले तीन राउंड तक चले और अंकों के आधार पर परिणाम तय किये गये। 45-48 किलोग्राम भार वर्ग में रेलवे की मंजू रानी और हरियाणा की नीतू के बीच हुए मुकाबले को नीतू ने 5-0 से जीता। 48-50 किलोग्राम भार वर्ग में रेलवे की अनामिका और पंजाब की कोमल के बीच फाइनल मुकाबला हुआ, जिसे रेलवे की अनामिका ने 5-0 से जीत लिया। 50-52 किलोग्राम भार वर्ग में फाइनल मुकाबला तेलंगाना की निखत जरीन व हरियाणा की मीनाक्षी के बीच हुआ, जिसे निखत जरीन ने 4-1 से जीतकर पहली बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण जीता। 52-54 किलोग्राम भार वर्ग में फाइनल हरियाणा की रेणु व रेलवे की शिक्षा के बीच था, जिसे रेलवे की शिक्षा ने कड़े मुकाबले में 3-2 से जीता। 54-57 वर्ग में आल इंडिया पुलिस की मनीषा व रेलवे की सोनिया लाठर के बीच हुए मुकाबले को सोनिया लाठर ने 5-0 से जीता। इसी प्रकार 57-60 किलोग्राम भार वर्ग में फाइनल हरियाणा की जैसमिन व रेलवे की मीना रानी के बीच हुआ, जिसे रेलवे की मीना रानी ने कड़ी टक्कर देते हुए 3-2 से जीता। जैसमिन ने सेमीफाइनल मुकाबलों में पंजाब की ओलम्पियन सिमरनजीत कौर को हराकर बड़ा उल्टफेर किया था लेकिन फाइनल में वो अपना पहला वाला खेल नहीं दिखा पाया और उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा। 60-63 वर्ग में रेलवे की मोनिका व हरियाणा की प्रवीन के बीच हुए मुकाबले को हरियाणा की प्रवीन ने 5-0 से जीता। 63-66 भार वर्ग में दिल्ली की अंजली तुशीर व रेलवे की ज्योति में से दिल्ली की अंजली तुशीर ने स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। उसने ये मुकाबला 4-1 से जीता। 66-70 वर्ग में राजस्थान की अरुणधिति चौधरी व रेलवे की पूजा के बीच के बीच का मुकाबला एक तरफा रहा और राजस्थान की अरुणधिति पूजा पर भारी रही। अरुणधिति ने ये मुकाबला 5-0 से जीता। 70-75 भार वर्ग में हरियाणा के हिसार निवासी स्वीटी बूरा ने रेलवे की भाग्यवती कचारी को 5-0 से हराया। 75-81 भार वर्ग में हरियाणा की ओलम्पिक प्लेयर पूजा रानी ने रेलवे की नुपूर को 5-0 से हरा दिया। आखिरी मुकाबला 81 प्लस भार वर्ग में रेलवे की नंदनी व हरियाणा की नेहा के बीच हुआ जिसे नंदनी ने 5-0 से आसानी से जीत लिया।
बीएफआई के अध्यक्ष अजय सिंह ने इस मौके पर कहा कि हरियाणा के बॉक्सिंग खिलाड़ी आज पूरे देश में धूम मचा रहे हैं। हिसार में राष्ट्रीय प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया, जिसके लिए आर्गनाइजिंग प्रेसिडेंट व पूर्व अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर अनिल मान बधाई के पात्र हैं। भविष्य में भी ऐसे और आयोजन हिसार में करवाने पर विचार किया जा सकता है। हरियाणा हेल्थ सर्विसिस की डीजी डा. वीना सिंह ने मुख्य अतिथि के तौर पर कहा कि हरियाणा सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए काफी काम कर रही है। खिलाडिय़ों को आगे बढऩे के लिए कई तरह की योजनाएं सरकार चला रही है। इसका असर भी दिख रहा है और हरियाणा के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी बढिय़ा खेल कर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
प्रतियोगिता के दौरान स्वर्ण जीत कर अपनी खुशी साझा करते हुए निखत जरीन ने कहा कि उसने पहली बार नेशनल चैम्पियनशिप में स्वर्ण जीता है। अब तो वह वल्र्ड चैम्पियनशिप में पदक जीतने के लिए जी-जान एक कर देंगी। निखत ने माना कि कोरोना के कारण सभी खिलाडिय़ों का खेल काफी प्रभावित हुआ है लेकिन अब फिर खेल पटरी पर आने लगे हैं।
हरियाणा की ओलम्पियन मुक्केबाज पूजा रानी ने कहा कि वह इस प्रतियोगिता में भाग नहीं लेना चाहती थी और दूसरे खिलाडिय़ों को मौका देना चाहती थी। लेकिन प्रतियोगिता में स्वर्ण जीतने वालों को ही वल्र्ड चैम्पियनशिप में भेजने के फेडरेशन के फैसले के कारण उसने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। ये अच्छा भी रहा क्योंकि इस बार काफी टफ कंपटीशन देखने को मिला।

 

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