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मानव श्रृंखला बनाकर एड्स के प्रति किया जागरूक

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मानव श्रृंखला बनाकर एड्स के प्रति किया जागरूक

एचएयू में रेड रिबन क्लब व एनएसएस की ओर से कार्यक्रम का आयोजन
हिसार
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार में विश्व एड्स दिवस के उपलक्ष्य में छात्र कल्याण निदेशालय के रेड रिबन क्लब व राट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा मानव श्रंखला बनाकर एड्स के प्रति लोगों को जागरूक किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बी. आर. काम्बोज बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे। उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक महामारी एड्स के प्रति स्वयं को जागरूक होने और अन्य लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज कि यह मानव श्रंखला हम सब की एड्स के विरुद्ध प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके साथ ही हमें वर्तमान कोरोना स्थिति को ध्यान में रखते हुए कोरोना अनुरूप व्यवहार में भी ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए। एड्स एक ऐसी बीमारी है जिसमें इंसान की संक्रमण से लडऩे की शरीर की क्षमता पर प्रभाव पड़ता है। हालांकि इतने सालों बाद भी अब तक एड्स का कोई प्रभावी इलाज नहीं निकल पाया है। इस वर्ष के विश्व एड्स दिवस का विषय असमानताओं को समाप्त करना और वैश्विक महामारी एड्स का खात्मा’ है। विश्व एड्स दिवस मनाने का प्रमुख उद्देश्य एचआईवी संक्रमण की वजह से होने वाली महामारी एड्स के बारे में हर उम्र के लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना है। आज के समय में एड्स सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। यूनिसेफ की रिपोर्ट की मानें तो पूरे विश्व में 3 करोड़ 69 लाख लोग एचआईवी के शिकार हो चुके हैं। जबकि भारत सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार भारत में एचआईवी के रोगियों की संख्या करीब 21 लाख बताई जा रही है।
छात्र कल्याण निदेशक डॉ. देवेंद्र सिंह दहिया ने मुख्यातिथि का स्वागत किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने हाथों में लाल गुब्बारे, पोस्टर व तख्तियां लेकर एड्स जागरूकता का सन्देश दिया। कार्यक्रम के दौरान हिसार के एच आई वी एड्स जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुशील गर्ग ने उपस्थित जनों को एड्स से सम्बंधित विस्तृत जानकारी दी और छात्रों की शंकाओं का समाधान किया। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष दुनियाभर के लोगों को एचआईवी संक्रमण के प्रति जागरूक करने के लिए यह दिन विश्व एड्स दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को पहली बार 1988 में चिह्नित किया गया था। वहीं साल 1996 में एचआईवी एड्स पर संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक स्तर पर प्रचार और प्रसार का काम संभालते हुए साल 1997 में विश्व एड्स अभियान के तहत संचार, रोकथाम और शिक्षा पर कार्य करना शुरू किया। जिसके बाद से दुनिया भर में विश्व एड्स दिवस मनाया जाने लगा। इस अवसर पर स्नातकोत्तर अधिष्ठाता डॉ. अतुल ढींगडा, वित्त नियंत्रक नवीन जैन, बागवानी विभागाध्यक्ष डॉ. जीत राम शर्मा सहित विस्वविद्यालय की विभिन्न इकाइयों के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अपर्णा, धर्मबीर मलिक, मोना वर्मा, संदीप भारद्वाज, देवेंदर व अन्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के रेड रिबन क्लब के नोडल अधिकारी डॉ चंद्र शेखर डागर ने मुख्य अतिथि और सभी गणमान्य व्यक्तियों का धन्यवाद व्यक्त किया

 

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