
कई पोस्ट में पुणे स्थित उसकी इकाई में महिला कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया गया
टीसीएस विवाद के बाद, इन्फोसिस ने पुणे ऑफिस में उत्पीड़न को लेकर सोशल मीडिया पर लगे आरोपों को खारिज कियाInfosys harassment allegations नई दिल्ली, 16 अप्रैल (TNT)। टीसीएस के नासिक ऑफिस में महिलाओं के शोषण को लेकर लगे आरोपों के बाद, आईटी कंपनी इन्फोसिस ने सोशल मीडिया पर लगे उन आरोपों को खारिज दिया है, जिसमें दावा किया जा रहा था कि कंपनी की पुणे में मौजूद बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट (बीपीएम) इकाई में उत्पीड़न हो रहा है।
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने कहा कि सरकार ने इन आरोपों का संज्ञान लिया
Infosys harassment allegations कंपनी की ओर से यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब कार्यस्थल पर उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के आरोपों को लेकर नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) सुर्खियों में है और महाराष्ट्र में आईटी क्षेत्र की गहन जांच चल रही है। इन्फोसिस विवाद तब सामने आया जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई पोस्ट में पुणे स्थित उसकी इकाई में महिला कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया गया। हालांकि, बाद में इन पोस्ट को हटा दिया गया। महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने कहा कि सरकार ने इन आरोपों का संज्ञान लिया है।
इन्फोसिस ने कहा कि वह उत्पीड़न और भेदभाव के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का पालन करती है
Infosys harassment allegations इन्फोसिस ने कहा कि वह उत्पीड़न और भेदभाव के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का पालन करती है। कंपनी ने कहा, “इन्फोसिस किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या भेदभाव के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाती है।” आईटी फर्म ने आगे कहा कि रिपोर्ट किए गए किसी भी मुद्दे को गंभीरता से लिया जाता है और एक स्वतंत्र समिति द्वारा उसकी जांच की जाती है, और वह एक “स्पीक-अप कल्चर” को बढ़ावा देती है, जो कर्मचारियों को कई माध्यमों से अपनी चिंताओं को बताने के लिए प्रोत्साहित करती है।
यह घटनाक्रम टीसीएस नासिक मामले के बाद सामने आया
Infosys harassment allegations कंपनी ने यह भी कहा कि उसने मामले की जांच के लिए अपनी ग्लोबल कोड ऑफ कंडक्ट के अनुरूप आंतरिक प्रक्रियाओं और निवारक तंत्रों को सक्रिय कर दिया है। यह घटनाक्रम टीसीएस नासिक मामले के बाद सामने आया है, जिसमें कई महिला कर्मचारियों ने 2022 से 2026 के बीच वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न का आरोप लगाया है। शिकायतों में यौन उत्पीड़न, पीछा करना, अनुचित स्पर्श, आपत्तिजनक टिप्पणियां, मानसिक उत्पीड़न और कुछ धार्मिक प्रथाओं को अपनाने या धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने के आरोप शामिल हैं।
पुलिस ने जांच के सिलसिले में महिला कर्मचारियों को शामिल करते हुए एक गुप्त अभियान भी चलाया
Infosys harassment allegations जांचकर्ताओं ने 40 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच की है और शिकायतकर्ताओं और आरोपियों के बयान दर्ज कर रहे हैं। पुलिस ने जांच के सिलसिले में महिला कर्मचारियों को शामिल करते हुए एक गुप्त अभियान भी चलाया है। जांच अभी जारी है और अधिकारियों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। एनडीटीवी प्रॉफिट के अनुसार, एक संबंधित घटनाक्रम में, टीसीएस अधिकारियों ने आरोपों की आंतरिक जांच के तहत इस सप्ताह अपने नासिक कार्यालय का औचक दौरा किया।
टीसीएस ने जांच जारी रहने तक नासिक स्थित अपनी इकाई के लगभग 120 कर्मचारियों को इस सप्ताह से घर से काम करने का निर्देश
Infosys harassment allegations कंपनी ने एक विशेष जांच समिति का गठन किया है और शिकायतों की जांच कर रही है। वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच के तहत कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। सूत्रों ने बताया कि जांच के दौरान कई शिकायतें सामने आईं, जिससे जांच का दायरा बढ़ गया है। एहतियात के तौर पर, टीसीएस ने जांच जारी रहने तक नासिक स्थित अपनी इकाई के लगभग 120 कर्मचारियों को इस सप्ताह से घर से काम करने का निर्देश दिया है।
“TCS विवाद” “IT सेक्टर अपडेट” “वर्कप्लेस पॉलिसी” “कॉर्पोरेट गवर्नेंस”
Infosys harassment allegations इस बीच, राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने नासिक स्थित टीसीएस बीपीओ इकाई में महिलाओं के साथ कथित यौन उत्पीड़न की घटनाओं की विस्तृत जांच के लिए एक तथ्य-जांच समिति का गठन किया है। समिति 10 कार्य दिवसों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। —आईएएनएस एबीएस/

