Crime: हाथ में पिस्तौल लेकर शख्स पहुंचा कॉलेज की बाहर, पुलिस को कहा, ‘मंदिर का पुजारी हूं’

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Crime: राजसमंद में लिव-इन का एक खौफनाक मामला सामने आया है. यहां एक युवक ने मई 2020 में महिला की हत्या की और शव ठिकाने लगाने के लिए क्राइम शो देखा. उस व्यक्ति ने फिर शव को ड्रम में रखकर सीमेंट से पैक कर दिया. चार साल बाद उदयपुर पुलिस ने मामले का सनसनीखेज खुलासा किया है. मामले में आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है. फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं और पुलिस अभी जांच में जुटी हुई है.

इस खौफनाक कहानी की शुरुआत पुलिस की रुटीन कार्रवाई से हुई. पुलिस ने एक व्यक्ति से पिस्टल जब्त की. उदयपुर एसपी भुवन भूषण यादव ने बताया कि प्रतापनगर थाना पुलिस एयर जिला स्पेशल टीम को सूचना मिली कि मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के स्वर्ण जयंती द्वार के पास एक व्यक्ति खड़ा है, जिसके पास अवैध हथियार हो सकता है. पुलिस टीम मौके पर पहुंची और व्यक्ति से उसका नाम पूछा. नाम पूछने पर उसने पुलिस को अपना नाम राहुलराज चतुर्वेदी बताया. पुलिस ने तलाशी ली तो उसके पास से पिस्टल बरामद हुई.

पुलिस रुटीन कार्रवाई के तहत उसे थाने लाई और पिस्टल का लाइसेंस नहीं होने पर उसे गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ शुरू की. इस दौरान उसने बताया कि वो उदयपुर शहर मुख्य देहली गेट चौराहे पर हनुमान जी के मंदिर में पूजा करता है. करीब पांच साल पहले वहां एक व्यक्ति आया, जिससे उसने वो पिस्टल ली थी. वो उसका नाम नहीं जानता. पुलिस पिस्टल बेचने वाले के बारे में पता लगा रही थी कि उसी दौरान पता चला कि गिरफ्तार आरोपी की मंदिर में ही एक महिला से दोस्ती हुई थी. दोनों साथ रहते थे, लेकिन महिला कई साल से गुमशुदा है.

यह पता चलते ही पुलिस के जांच की सुई दूसरी तरफ घूमी. पुलिस ने राहुलराज से से महिला को लेकर भी पूछताछ की. पूछताछ में आरोपी पुलिस को अपनी प्रेम कहानी के बारे में बताने लगा. आरोपी ने पुलिस को बताया कि साल 2019 में शिवरात्रि में एक महिला अपने दो बच्चों के साथ मंदिर में आई और वो रो रही थी. उसका नाम भानुप्रिया था. आरोपी ने बताया कि महिला के पति नारायण ने उसे घर से निकाल दिया था. वो और उसके बच्चे दो दिन से भूखे थे तो उसने उन्हें खाना खिलावाया. फिर दो दिन बाद राजसमंद गए, जहां वो पहले किराए पर रहता था.

महिला और उसके बच्चों को उसने उसी मकान में छोड़ा. उसने बताया कि भानुप्रिया उदयपुर आती-जाती रहती थी. बाद में उसके पति ने तलाक दिया और बच्चों को अपने पास रख लिया. दोनों राजसमंद के सनवाड़ में किराए के कमरे में रहने लगे. उसने बताया कि कुछ समय बाद भानुप्रिया को मिर्गी के दौरे आने लगे. फिर उसने उसके साथ झगड़े शुरू कर दिए. आरोपी ने यह भी बताया कि वह कई बार उसकी पिटाई करता था. राजनगर पुलिस थाने में कई बार केस किया और पुलिस ने उसे पाबंद भी किया. इसके बाद 12 मई 2020 को वो रात आठ बजे काम से घर लौटा तो भानुप्रिया ने झगड़ा शुरू कर दिया.

आरोपी के मुताबिक उस दिन उसे गुस्सा आ गया और गला दबाकर भानुप्रिया की हत्या कर दी. आरोपी ने पुलिस को बताया कि महिला की मौत हो जाने के बाद वो घबरा गया था. उसने लाश को ठिकाने लगाने के लिए क्राइम शो के कई एपिसोड देखे. शव को ड्रम में रखने का आइडिया वहीं से मिला. कोरोना के कारण लाश ठिकाने लगाने का उसे कोई दूसरा तरीका नहीं मिला. इसलिए उसे ये ड्रम वाला आइडिया सही लगा. आरोपी ने बताया कि इसके बाद उसने पुराने ड्रम में शव को डाला और उसमें रेत भर दी. फिर सीमेंट से ड्रम के ढक्कन को पैक कर दिया. दो साल तक शव ड्रम में ही पड़ा रहा. इस दौरान वो अपना काम धंधा करने लगा. दो साल बाद जून 2022 में एक दिन उसको मकान मालिक का फोन आया कि कमरे से बदबू आ रही है. वो जब पहुंचा और देखा तो ड्रम में एक छेद हो गया जिससे बदबू आ रही थी. फिर मकान मालिक को घटना के बारे में बताया.

उदयपुर एसपी भुवन भूषण यादव ने बताया, ‘आरोपी ने घटना के बारे में सब कुछ जानकर मकान मालिक ने उसका साथ दिया. फिर ड्रम के पेंदे को तोड़ शव निकाला और घर के बाड़े में जला दिया. हड्डियों को पीसकर नदी में फेका और राख घर के बाहर फेंक दी. अब पुलिस और सबूत जुटाने में लगी है.’

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