युवाओं को जाति, धर्म, भाषा के भेद से ऊपर उठकर अपने जीवन में सामाजिक सेवा को जरूर शामिल करना चाहिए : सीताराम व्यास

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युवाओं को जाति, धर्म, भाषा के भेद से ऊपर उठकर अपने जीवन में सामाजिक सेवा को जरूर शामिल करना चाहिए : सीताराम व्यास

युवाओं को जाति, धर्म, भाषा के भेद से ऊपर उठकर अपने जीवन में समाजिक सेवा को जरूर शामिल करना चाहिए। तभी हमारा देश वैभवशाली, समृद्धशाली व रचनात्मक रूप से शक्तिशाली बनेगा। ये विचार चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय एकता शिविर के समापन समारोह में मुख्यातिथि के तौर पर पहुंचे वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता सीताराम व्यास ने 17 प्रदेशों से आए राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.बी.आर. काम्बोज ने की, जबकि युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, राष्ट्रीय सेवा योजना, नई दिल्ली से मनोज कुमार व राज्य एनएसएस अधिकारी, हरियाणा डॉ. दिनेश कुमार बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
मुख्यातिथि सीताराम व्यास ने अपने संबोधन के जरिए राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को भारत देश के गौरवशाली इतिहास से लेकर ज्वलंत मुद्दों से अवगत कराया। विश्व में भारत एकमात्र देश है, जहां भारत को माता की संज्ञा दी जाती है, जबकि अन्य देशों में ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत देश को समृद्धशाली, वैभवशाली व रचनात्मक रूप से शक्तिशाली बनाने में युवा शक्ति की अहम भूमिका होती है, इसलिए युवा शक्ति को इन 5 बातों का ध्यान रखकर उन पर कार्य करना जरूरी है, जिनमें जल शक्ति, धन शक्ति, बौद्धिक शक्ति, श्रम शक्ति व शस्त्र शक्ति शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमें जल संरक्षण, धन संचय, दूसरों को सही दिशा दिखाकर उचित मार्ग पर चलाने, देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका व विदेशी का दबाव न मानकर शस्त्र रूप से सशक्त बनना है। मुख्यातिथि ने स्वयंसेवकों को अपनी जिंदगी का लक्ष्य निर्धारित करने का आह््वान किया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति से ही देश के उत्थान को बढ़ावा देकर सपने को पूरा किया जा सकता है। यही एनएसएस का ध्येय भी है। उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि यह सात दिवसीय राष्ट्रीय एकता शिविर देश के अलग-अलग राज्यों की संस्कृति, भाषा, रहन-सहन को समझने का बेहतरीन अवसर है, यह समय फिर नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि हम छोटे-छोटे कार्य से समाज में परिवर्तन ला सकते हैं, तभी देश में बड़ा बदलाव आएगा।
खाद्य सुरक्षा के साथ पोषण सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालय प्रतिबद्ध- प्रो. बी.आर. काम्बोज
इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज ने कहा कि विश्वविद्यालय अधिक पैदावार वाली उन्नत किस्में विकसित करने के अलावा अधिक पोषण तत्वों वाली किस्में विकसित कर रहा है। इसी कड़ी में हकृवि ने हाल ही में बाजरे की जिंक व लौह तत्व से भरपूर किस्में विकसित की है। अन्तर्राष्ट्रीय मिल्लेट वर्ष में हकृवि मानव जन व पशुधन की पोषण सुरक्षा के लिए बाजरे व ज्वार की उन्नत किस्में विकसित की है। शिविर समन्यवक डॉ. चंद्रशेखर डागर ने सात दिवसीय राष्ट्रीय एकता शिविर की विस्तृत रिपोर्ट पेश की, जबकि युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, राष्ट्रीय सेवा योजना, नई दिल्ली से आए मनोज कुमार व राज्य एनएसएस अधिकारी, हरियाणा डॉ. दिनेश कुमार ने इस सात दिवसीय राष्ट्रीय एकता शिविर में हकृवि द्वारा किए गए प्रबंधों की सराहना की।
विभिन्न प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे :
सात दिवसीय राष्ट्रीय एकता शिविर में विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया था। शिविर के समापन समारोह में मुख्यातिथि के द्वारा इन प्रतियोगिताओं के विजेता रहे स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया, जिनमें समूह नृत्य में टीम 7 में प्रथम स्थान तानशी, द्वितीय स्थान पर सिजान व तृतीय स्थान पर तन्मय रहा। इसी प्रकार, समूह नृत्य टीम-5 में प्रथम स्थान जतिन व दूसरा स्थान अमृत रहा। डांस सोलो में तन्मय ने पहला स्थान व सुमेधा ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान दीक्षा व द्वितीय स्थान पर पंकज रहा। ऑन दा स्पॉट प्रतियोगिता में प्रथम स्थान दीक्षा रानी व द्वितीय स्थान पर संजीव कुमार रहे। सोलो सोंग में प्रथम स्थान जैकसील व दूसरा स्थान यशस्वी रहे। कविता पाठ प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पवन व दूसरा स्थान सुमेधा रही। स्लोग्न प्रतियोगिता में प्रथम स्थान आशीष व द्वितीय स्थान पर वैशाली रहे। पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान मोनिका गुप्ता व द्वितीय स्थान पर सुश्री प्रीति रहे। कोलॉज मेकिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान गोबिंद व नवीन और दूसरे स्थान पर भारती व सुस्मिता रहे। रंगोली प्रतियोगिता में टीम-3 में निकिता शर्मा व दिव्या व टीम 6 में चारुशिला व सुमित रहे।
इससे पूर्व छात्र कल्याण निदेशक डॉ. अतुल ढींगड़ा ने सभी का स्वागत किया, जबकि राष्ट्रीय सेवा योजना अवार्डी डॉ. भगत सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया। इस अवसर पर डॉ. चंद्रशेखर डागर, देशराज, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण व कर्मचारी मौजूद रहे।

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