World Air Quality report: ये है देश का सबसे प्रदूषित शहर, यहां जहरीली हवा में जीने को मजबूर लोग
Most Polluted Cities: भारत 2022 में दुनिया का आठवां सबसे प्रदूषित देश था, जबकि 2021 में भारत इस मामले में पांचवें नंबर पर था। एयर पॉल्युशन (air pollution) को लेकर आई हालिया रिपोर्ट के मुताबिक टॉप 100 प्रदूशित शहरों में 72 शहर दक्षिण एशिया (South Asia) के हैं।

World Air Quality Report, IQAir: दुनियाभर की कई रिपोर्ट्स में साफ हो चुका है कि वायु प्रदूषण (#Air pollution) जानलेवा हो चुका है। दुनियाभर में प्रदूषण को लेकर समय-समय पर कई रिपोर्ट जारी की जाती हैं। इसी कड़ी में अब स्विस एयर क्वालिटी टेक्नोलॉजी कंपनी IQAir की रिपोर्ट आई है, जिसके मुताबित आधे से ज्यादा भारत में एयर पॉल्युशन के हालात बदतर हो चुके हैं। इस रिसर्च में 131 देशों में 7323 शहरों की 30000 से ज्यादा लोकेशन से डेटा जुटाया गया था। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत की एयर क्वालिटी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के निर्धारित मानकों से सात गुना अधिक खराब है।
भारत का सर्वाधिक प्रदूषित शहर
2022 में (#Delhi) दिल्ली दुनिया का दूसरा सबसे अधिक प्रदूषित शहर था। वहीं भारत की बात करें तो (#Bhiwadi city of Rajasthan) राजस्थान के भिवाड़ी शहर को देश का सर्वाधिक प्रदूषित शहर बताया गया है। भिवाड़ी में pm 2.5 का लेवल 92.7 माइक्रोग्राम रहा, जो WHO के मानकों से करीब 7 गुना अधिक खराब है।
दुनिया का सबसे जहरीला शहर
इस लिस्ट के मुताबिक पाकिस्तान का लाहौर 2022 में दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर (#Lahore most polluted city) रहा। जबकि भारत के अन्य प्रदूषित शहरों की सूची में एनसीआर का गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और बहादुरगढ़ के साथ बिहार का छपरा, मुजफ्फरनगर भी प्रदूशित शहरों में शामिल रहे। 2022 में दुनिया के शीर्ष पांच सर्वाधिक प्रदूषित देशों की सूची में चाड पहले स्थान पर है। इसके बाद इराक पाकिस्तान, बहरीन और बांग्लादेश का नंबर है।
दक्षिण एशिया की हालत ज्यादा खराब
रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्य और दक्षिण एशियाई देशों में भारत और पाकिस्तान की एयर क्वालिटी सबसे ज्यादा खराब है। IQAir की रिपोर्ट में रैंकिंग का आधार पीएम 2.5 के स्तर को बनाया गया है। इस लिस्ट में सबसे अधिक प्रदूषित शहर भारत के हैं। भारत और पाकिस्तान की करीब 60% आबादी ऐसे इलाकों में रहती हैं, जहां पीएम 2.5 का लेवल डब्ल्यूएचओ के मानकों से कई गुना अधिक खराब है।