गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार का फिजियोथेरेपी विभाग ने केवल फिजियोथेरेपी चिकित्सा की शिक्षा में, बल्कि समाज के लोगों को फिजियोथेरेपी एवं योग चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध करवाने में भी अग्रणी है।

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गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार का फिजियोथेरेपी विभाग ने केवल फिजियोथेरेपी चिकित्सा की शिक्षा में, बल्कि समाज के लोगों को फिजियोथेरेपी एवं योग चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध करवाने में भी अग्रणी है।

ओपीडी सेवा अत्यंत लोकप्रिय है तथा जरूरतमंद इसका लाभ उठा रहे हैं। इस विभाग में प्रतिदिन 50 से अधिक जरूरतमंद फिजियोथेरेपी एवं योग चिकित्सा की निशुल्क सेवा लेने के लिए आते हैं, जिन्हें विभाग के शिक्षक तथा विद्यार्थी अपनी सेवाएं देते हैं।
विभागाध्यक्ष डा. शबनम जोशी ने बताया कि विभाग वर्तमान समय में गर्दन दर्द, पीठ दर्द, हड्डी टूटने के बाद रिकवरी के लिए, घुटनों एवं जोड़ों तथा अन्य सम्बंधित समस्याओं के लिए अपनी सेवाएं देता है। विभाग न्यूरोलॉजी से संबंधित परेशानियों से रिकवर करने के लिए जैसे अधरंग, स्ट्रॉक, रीड की हड्डी से संबंधित समस्या तथा अन्य संबंधित समस्याओं के लिए भी उपचार उपलब्ध करवाता है। विश्वविद्यालय का फिजियोथेरेपी विभाग यथा समय खिलाड़ियों को भी खेल के दौरान लगने वाली चोटों से उबरने के लिए भी उपचार में मदद करता है।
डा. शबनम जोशी ने बताया कि विश्वविद्यालय के फिजियोथेरेपी विभाग की ओपीडी में लेजर, आईएफटी, अल्ट्रासाउंड तथा लोंग वेव थेरेपी जैसे अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं। विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए भी जनजागरूकता अभियान चलाता है। विशेषकर विश्वविद्यालय के खेल आयोजनों में स्पोर्टस फिजियोथेरेपी की सेवा भी प्रदान करता है।
डा. जोशी ने बताया कि विश्वविद्यालय का फिजियोथेरेपी विभाग वर्तमान में पांच कोर्स संचालित कर रहा है, जिनमें विभाग बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी, मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी, पीजी डिप्लोमा इन योगा साईंस एंड थेरेपी, एमएससी योगा साईंस एंड थेरेपी तथा पीएचडी इन फिजियोथेरेपी आदि कोर्सिज के माध्यम से सैकड़ों विद्यार्थियों को शिक्षण व प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। फिजियोथेरेपी विभाग के शिक्षक डा. शबनम जोशी, डा. जसप्रीत कौर तथा डा. मनोज मलिक द्वारा विश्वविद्यालय द्वारा प्रायोजित फिजियोथेरेपी क्षेत्र में नए अनुसंधान स्थापित करने वाले प्रोजेक्ट पूरे कर चुके हैं। विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थी देश व दुनिया में अपनी सेवाएं दे रहे हैं तथा विभिन्न क्षेत्रों/संस्थानों में उच्च पदों पर प्रतिष्ठित भी हैं। विश्वविद्यालय के शिक्षक समाज उपयोगी शोध कार्यों के माध्यम से सामाजिक उत्थान में भी अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं। विभाग द्वारा विद्यार्थियों व शिक्षकों में सृजनात्मक व सांस्कृतिक कौशल विकसित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन भी समय-समय पर किया जाता है। इन कार्यक्रमों में प्रश्नोत्तरी, रंगोली मेकिंग, समूह वार्ता, डेक्लेमेशन, योग आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया जाता है।
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