अंबाला छावनी के अंतर्गत न्यू राणा कंपलेक्स निवासी तथा मूलतः ग्राम सेरधा निवासी सुजाता शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल कंपनी एल्वोटेक में निदेशक का पद हासिल किया।

अंबाला छावनी के अंतर्गत न्यू राणा कंपलैक्स निवासी तथा मूलतः ग्राम सेरधा (कैथल) निवासी व हरियाणा राज्य के शिक्षा- विभाग से प्राचार्य-पद से सेवानिवृत्त डॉक्टर जयकिशन शर्मा एवं श्रीमती निर्मला शर्मा की सबसे छोटी बेटी सुजाता शर्मा ने अंतर्राष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल कंपनी एल्वोटेक में निदेशक का पद हासिल कर देश, राज्य, जिले व परिवार का गौरव बढ़ाया है। उसके जीवन का लक्ष्य स्वास्थ्य- सुरक्षा में महत्त्वपूर्ण योगदान देते हुए अपने देश का गौरव बढ़ाना रहा है ।यह उपलब्धि एक बड़ा मील का पत्थर सिद्ध होगी । कहना न होगा सुजाता प्रारंभ से ही बहुमुखी प्रतिभा की धनी रही है ।वह हमेशा अपनी सभी कक्षाओं में सर्वोत्तम स्थान प्राप्त करने वालों में रही है ।वह कविता- पाठ ,भाषण तथा विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में सदा सर्वोच्च स्थान पर रही है। इन उपलब्धियों के उसके पास लगभग 115 प्रमाणपत्र हैं। केंद्रीय- विद्यालय करनाल की ओर से सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता “झांसी की रानी” का पाठ करते हुए कर्ण-स्टेडियम, करनाल मेंआयोजित युवा-महोत्सव कार्यक्रम में हरियाणा – राज्य के तत्कालीन शिक्षामंन्त्री श्री रामविलास शर्मा जी ने उन्हें प्रदत्त सम्मान दु:शाला उसे ही भेंट कर दिया था।उत्तर भारत के प्रसिद्ध बायोटेक्नोलॉजी के अंबाला इंजीनियरिंग कॉलेज मीठापुर (अंबाला )से एमटेक की उपाधि प्राप्त करते हुए डॉक्टर रेड्डीज लैब कंपनी , हैदराबाद में रिसर्च वैज्ञानिक का पद कैम्पस सिलैक्सन के तहत प्राप्त किया। तदुपरांत एशिया की बड़ी कंपनी बॉयोकोन, बेंगलुरु में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर पहुँची। इसी दौरान कोविड प्रोजेक्ट में उसने कार्य -संपादन में श्रेष्ठता हासिल करते हुए करोना की दवा बनाने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। अब उसने अपना तथा अपने देश का नाम रोशन करते हुए प्रमुख यूरोपीय कंपनी एल्वोटेक में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के शुभ अवसर पर 8 मार्च को ही निदेशक का पदभार ग्रहण कर लिया है ।आशा है भविष्य में भी वह अपने कार्य में पूर्ण सफलता प्राप्त कर अपना तथा अपने देश का नाम रोशन करेगी।

 

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