भारतीय सेना की ताकत पर लगी मुहर: चीन सीमा विवाद पर सामने आई नई वास्तविकता Indian Army strength

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भारतीय सेना की ताकत पर लगी मुहर: चीन सीमा विवाद पर सामने आई नई वास्तविकता Indian Army strength
Ladakh: Lt Gen Pratik Sharma, Army Commander of the Northern Command, visits formations and units of the Fire and Fury Corps deployed along the Line of Actual Control (LAC), reviews operational readiness, and interacts with troops, in Ladakh on Friday, May 23, 2025. (Photo: IANS)

चीन ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की और सच्चाई को छिपाया गया

भारतीय सेना की ताकत पर मुहर:Indian Army strength चीन सीमा विवाद पर सामने आई वास्तविकता नई दिल्ली, 25 अप्रैल (TNT)। भारत-चीन सीमा को लेकर लंबे समय से राजनीतिक बहस चलती रही है। एक तरफ विपक्ष सरकार पर यह आरोप लगाता रहा है कि चीन ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की और सच्चाई को छिपाया गया, वहीं दूसरी ओर अब देश के पूर्व थल सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे के बयान ने इस पूरे मुद्दे पर एक स्पष्ट और मजबूत जवाब पेश किया है।

भारतीय सेना की सख्त और रणनीतिक कार्रवाई के कारण ही चीन की सेना (पीएलए) को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा

Indian Army strength नरवणे ने आईएएनएस के साथ इंटरव्यू के दौरान साफ शब्दों में कहा कि भारतीय सेना की सख्त और रणनीतिक कार्रवाई के कारण ही चीन की सेना (पीएलए) को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा। यह कोई सामान्य स्थिति नहीं थी, बल्कि यह भारत की सैन्य क्षमता और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रत्यक्ष प्रमाण है। सीमा पर जो भी सैन्य कार्रवाई हुई, वह केवल सेना का काम नहीं था, बल्कि पूरे देश के सामूहिक प्रयास का परिणाम थी। सरकार, सेना और अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल ने ही भारत को मजबूत स्थिति में खड़ा किया।

नरवणे ने इस पर सवाल उठाने वालों को भी दो टूक जवाब देते हुए कहा

Indian Army strength विपक्ष लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि चीन ने भारतीय जमीन पर कब्जा किया और सरकार ने पारदर्शिता नहीं दिखाई। लेकिन पूर्व सेना प्रमुख का यह बयान इन आरोपों को सीधे तौर पर चुनौती देता है। नरवणे ने इस पर सवाल उठाने वालों को भी दो टूक जवाब देते हुए कहा कि अगर दुश्मन को पीछे हटने पर मजबूर करना जीत नहीं है, तो फिर जीत की परिभाषा क्या होगी? सेना के सर्वोच्च नेतृत्व की ओर से ये कहना कि भारत ने चीन को पीछे हटने पर मजबूर किया, यह साफ संकेत है कि जमीनी हालात विपक्ष के दावों से अलग हैं।

पहले जहां सिर्फ आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया जाता था, वहीं इस ऑपरेशन में आतंक के नेतृत्व को भी सीधा निशाना बनाया गया

Indian Army strength यह बयान न केवल सेना की कार्रवाई को सही ठहराता है, बल्कि देश के सामने वास्तविक तस्वीर भी रखता है। वहीं, नरवणे ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए बताया कि अब भारत की रणनीति पहले से ज्यादा आक्रामक और निर्णायक हो गई है। पहले जहां सिर्फ आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया जाता था, वहीं इस ऑपरेशन में आतंक के नेतृत्व को भी सीधा निशाना बनाया गया।/defense-news /india-news /china-india-news /breaking-news

कोई देश भारत के खिलाफ साजिश करेगा या सीमा पर तनाव बढ़ाएगा, तो उसे इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा

Indian Army strength यह बदलाव इस बात का संकेत है कि भारत अब केवल जवाब नहीं देता, बल्कि जरूरत पड़ने पर दुश्मन को उसके घर में घुसकर जवाब देने की क्षमता और इच्छाशक्ति दोनों रखता है। नरवणे के अनुसार, अगर कोई देश भारत के खिलाफ साजिश करेगा या सीमा पर तनाव बढ़ाएगा, तो उसे इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा।Indian Army strength

इस बदली हुई रणनीति ने न केवल पाकिस्तान को, बल्कि चीन को भी एक स्पष्ट संदेश

Indian Army strength इस बदली हुई रणनीति ने न केवल पाकिस्तान को, बल्कि चीन को भी एक स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत अपनी संप्रभुता के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। सीमा पर चीन को पीछे हटने पर मजबूर करना और आतंक के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाना इस ओर इशारा करते हैं कि भारत अब सिर्फ रक्षात्मक नहीं, बल्कि निर्णायक और प्रभावी रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। —आईएएनएस एएस/

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