एचएयू के होम साइंस कॉलेज को देशभर में मिली प्रथम रैंकिंग

प्रथम सौ में भी शामिल नहीं हुआ प्रदेश का कोई अन्य कालेज
केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय द्वारा जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फे्रमवर्क (NIRF) में मिला स्थान
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के नाम एक ओर बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। विश्वविद्यालय के इंदिरा चक्रवर्ती गृह विज्ञान महाविद्यालय ने देशभर के राज्य कृषि विश्वविद्यालयों व केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालयों में प्रथम रैंकिंग हासिल की है। केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वर्ष 2021 के लिए जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फे्रमवर्क (हृढ्ढक्रस्न)में विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान महाविद्यालय को यह उपलब्धि हासिल हुई है। इसके अलावा होम साइंस महाविद्यालयों की कैटेगरी में देशभर में दूसरी रैंकिंग प्राप्त की है। केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वर्ष 2021 के लिए जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फे्रमवर्क (NIRF) में देशभर से 1802 कॉलेज शामिल हुए थे।
विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान : प्रोफेसर बी.आर. काम्बोज
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बी.आर. काम्बोज ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा हासिल की जाने वाली नित्त उपलब्धियों के कारण ही आज राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस विश्वविद्यालय की अलग पहचान है। उन्होंने महाविद्यालय की अधिष्ठाता, शिक्षकों, कर्मचारियों व विद्यार्थियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि भविष्य में और अधिक ऊंचाइयां हासिल करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर कार्य करना होगा। साथ ही महाविद्यालय को हर प्रकार की सुविधा व सहायता प्रदान करते हुए प्रयास किए जाएंगे।
इस आधार पर तय होती है रैंकिंग
केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी रैंकिंग के लिए विभिन्न मापदण्ड तय किए जाते हैं। इस रैंकिंग के लिए देशभर से यूजीसी व आईसीएआर के अंतर्गत साइंस,कला संकाय, सोशल साइंस व अपलाइड सांइस के महाविद्यालय शामिल किए गए थे। इस रैंकिंग को प्रदान करने के लिए शिक्षण, अनुसंधान के अलावा अवार्ड के अलग-अलग अंक निर्धारित किए गए थे। इनमें शिक्षण व अनुसंधान गतिविधियों के अलावा जॉब प्लेसमेंट, विद्यार्थियों के दाखिला और पास आउट अनुपात, शिक्षक व विद्यार्थी अनुपता, विद्यार्थी को उपलल्ध करवाई जाने वाली सुविधाएं, अनुसंधान के लिए लैब, उपकरणों के लिए बजट और उसका उचित प्रयोग, रिसर्च प्रोग्राम,पेटेंट आदि को आधार बनाया जाता है।
शोध व शिक्षण कार्यों ने दिलाई पहचान
महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. बिमला ढांडा ने कहा कि महाविद्यालय के शोध व शिक्षण कार्यों ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। इस पहचान ने हमें जिम्मेदारियों के साथ भविष्य में देशभर में नंबर वन की रैंकिंग को कायम रखने के लिए प्रयास जारी रहेंगे। इस रैंकिंग का श्रेय महाविद्यालय के शिक्षकों, गैर शिक्षकों व छात्राओं को जाता है जिन्होंने कड़ी मेहनत कर यह मुकाम हासिल किया है।
इससे पहले भी कई उपलब्धियां विश्वविद्यालय के नाम
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय को इससे पहले भी वर्ष 1996 में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा सर्वश्रेष्ठ संस्थान पुरस्कार, सरदार पटेल सर्वश्रेष्ठ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद पुरस्कार मिल चुके हैं और वर्ष 2016 में अनुसंधान के क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जा चुका है। इसी प्रकार विश्वविद्यालय नेे मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से जारी अटल रैंकिंग ऑफ इंस्टीट्यूशन्स ऑन इनोवेशन एंड एचीवमेंटस (ARIIA) में कृषि विश्वविद्यालयों में देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया था। विश्वविद्यालय को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), कृषि मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 2019 के लिए जारी आईसीएआर रैंकिंग में तीसरा स्थान मिला था।

 

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें