गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार फार्मास्युटिकल साईंसिज के विद्यार्थियों के लिए ‘ड्रग्स एंड देयर रेगुलेटर्स’ विषय पर हुआ इंडस्ट्री इंट्रेक्शन कार्यक्रम का आयोजन

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Photo 1 TP Interaction Prog 22.10.2021गुरु जम्भेश्वर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के ट्रेनिंग एंड प्लेसमैंट सैल के इंडस्ट्री इंट्रेक्शन कार्यक्रम (आईआईपी) क्लब व विश्वविद्यालय के फार्मास्युटिकल सार्इंसिज विभाग के संयुक्त तत्वाधान में ‘ड्रग्स एंड देयर रेगुलेटर्स’ विषय पर एक इंडस्ट्री इंट्रेक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।  कोटा राजस्थान के ड्रग कंट्रोलर अधिकारी डॉ. संदीप कुमार कैली कार्यक्रम के मुख्य वक्ता थे।  एनआईपीईआर, मोहाली से वर्ष 2008 में एम.फार्मा और वर्ष 2013 में पीएचडी डिग्री कर, उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं जैसे गेट, जीपैट और सीएसआईआर नेट जेआरएफ इन लाइफ साईंसिज 2009 में उत्तीर्ण किया।
मुख्य वक्ता डॉ. संदीप कुमार कैली ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसी भी पेशे में सफलता पाने के लिए अपने पेशे का सम्मान करना बहुत जरूरी है। उन्होंने प्रेजेंटेशन के माध्यम से विद्यार्थियों को ड्रग्स की परिभाषा तथा नकली, मिलावटी और मिसब्रांडेड दवाओं के बीच अंतर के बारे में जागरूक किया। उन्होंने केंद्र के साथ-साथ राज्य स्तर पर ‘ड्रग रेगुलेटिंग अथॉरिटीज’ के कामकाज के बारे में भी बताया। इसके बाद डॉ. संदीप ने एक ड्रग इंस्पेक्टर और सरकारी विश्लेषक की कार्यप्रणाली के बारे में बताया और विभिन्न फॉर्म नंबरों जैसे कि 13, 17 व 18 तथा अन्य प्रक्रियाओं के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक जानकारियों का ज्ञान साझा किया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ उनके कोटा ड्रग विभाग द्वारा की जाने वाली विभिन्न नियामक गतिविधियों को भी साझा किया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपनी शिक्षा को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता में रखें और किताबों पर पैसा खर्च करने में कभी भी संकोच न करें। इस प्रस्तुति के बाद प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया जहां विद्यार्थियों ने मुख्य वक्ता से अनेकों प्रश्न पूछे।
ट्रेनिंग एंड प्लेसमैंट सैल के निदेशक प्रताप सिंह मलिक, डीन मेडिकल साईंसिज प्रो. नीरू वासुदेवा व फार्मास्युटिकल साईंसिज विभाग की अध्यक्षा प्रो. सुमित्रा सिंह ने मुख्य वक्ता का अभिनंदन किया तथा सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों से उनके कौशल प्रदर्शन को विकसित करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। इस ऑनलाइन इंटरेक्शन कार्यक्रम में बीफार्मा और एमफार्मा पाठ्यक्रमों के लगभग 75 विद्यार्थियों ने भाग लिया। फार्मास्युटिकल साईंसिज विभाग की ट्रेनिंग एंड प्लेसमैंट कोर्डिनेटर डॉ. रेखा राव ने कार्यक्रम का कुशलतापूर्वक समन्वय किया।  एमफार्मा की निकिता ने कार्यक्रम का संचालन किया।
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