पोर्टल पर फसल का गलत पंजीकरण पाए जाने पर संबंधित पटवारी के खिलाफ होगी कार्यवाही

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अतिरिक्त मुख्य सचिव ने मेरा पानी-मेरी विरासत योजना की समीक्षा की

पोर्टल पर फसल का गलत पंजीकरण पाए जाने पर संबंधित पटवारी के खिलाफ होगी कार्यवाही
हिसार, 30 जून।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा धान की फसल के स्थान पर दलहनी एवं तिलहनी फसलों की बिजाई करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 7 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
वे बुधवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रधान सचिव वी उमाशंकर के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मेरा पानी-मेरी विरासत योजना को लेकर जिलों में हुई प्रगति की समीक्षा कर रही थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दिन-प्रतिदिन गिरते जा रहे भू-जलस्तर को मद्देनजर रखते हुए राज्य सरकार ने धान की फसल के स्थान पर दलहनी एवं तिलहनी फसलों की बिजाई करने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है। दलहनी फसलों में मूंग व अरहर तथा तिलहनी फसलों में अरंड व मूंगफली आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मेरा पानी-मेरी विरासत योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को अपनी फसलों का पंजीकरण करवाना होगा।

पंजीकरण के लिए 15 जुलाई अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। प्रदेश के सभी जिलों (विशेषकर प्रमुख बाजरा उत्पादक जिलों में) दलहनी (मूंग, अरहर) व तिलहनी (अरंड, मूंगफली) फसलों की काश्त करने वाले किसानों को खरीफ 2021 के दौरान 4 हजार रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता दी जाएगी। खेतों में बाजरा की फसल के स्थान पर दलहनी व तिलहनी फसलों को लगाने के अनेक लाभ हैं। दलहनी फसलों से एक और जहां भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है वहीं दूसरी और तिलहनी फसलों को बढ़ावा देने से खाद्य तेल की उपलब्धता सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा कि वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए किसानों को मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा।

 

पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2021 निर्धारित की गई है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों द्वारा पंजीकृत की जाने वाली फसलों का निरीक्षण करें ताकि यह पता चल सके कि किसानों ने अपनी फसलों का पंजीकरण सही करवाया है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण उपरांत किसी भी किसान की फसल का पंजीकरण गलत पाया जाता है तो संबंधित पटवारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाए।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रधान सचिव वी उमाशंकर ने किसान कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की प्रगति को लेकर जिलों में चल रहे कार्यों की जानकारी ली और निर्देश दिए कि इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल और बेहतर कार्य योजना के तहत कार्य करें।

इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त स्वप्निल रविंद्रा पाटिल ने अवगत करवाया कि जिले में किसानों को मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत जागरूक करने के लिए कृषि विभाग द्वारा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। किसानों को धान फसल के स्थान पर दलहनी एवं तिलहनी फसलों की बिजाई करने तथा बाजरा की फसल के स्थान पर मूंग, अरंड व मूंगफली आदि की बिजाई करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इससे पूर्व अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में कृषि विभाग के अधिकारियों की आयोजित की गई बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दें। इस अवसर पर कृषि विभाग के उपनिदेशक विनोद कुमार फोगाट सहित संबंधित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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