17-year-old girl in Rajouri राजौरी सीमा पर हलचल: सतर्क जवानों ने घुसपैठ की कोशिश को तुरंत किया नाकाम
जम्मू, 3 अक्टूबर (TNT)। राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार करने के बाद, भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) की एक 17 साल की लड़की को हिरासत में ले लिया।17-year-old girl in Rajouri
अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सेना ने पीओजेके की एक 17 साल की लड़की को तब पकड़ा, जब वह एलओसी पार करके राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में आ गई थी।
गलती से सीमा पार करने की आशंका: सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं गहन पूछताछ
17-year-old girl in Rajouri लाम सेक्टर में तैनात सेना के जवानों ने रूटीन निगरानी के दौरान एलओसी के पास संदिग्ध गतिविधि देखी। इसके बाद जवानों ने लड़की को रोका और शुरुआती पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। पकड़ी गई नाबालिग की पहचान पीओजेके के खुइरेटा निवासी मोहम्मद अजीम की बेटी एस. अजीम के तौर पर हुई है। शुरुआती पूछताछ के बाद, सेना के जवानों ने उसे आगे की जांच के लिए स्थानीय पुलिस को सौंप दिया। अभी नौशेरा पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस को सौंपा: कानूनी प्रक्रिया और प्रोटोकॉल के तहत जांच जारी
शुरुआती पूछताछ के दौरान, लड़की ने कहा कि वह अनजाने में एलओसी पार करके भारतीय इलाके में आ गई थी। अधिकारी घटना से जुड़ी परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच कर रहे हैं। आगे की जानकारी का इंतजार है।17-year-old girl in Rajouri
जम्मू-कश्मीर में जो लोग अनजाने में एलओसी पार कर जाते हैं, उन्हें अक्सर भारतीय सेना पकड़ लेती है। पहचान और बैकग्राउंड की जांच के लिए उन्हें स्थानीय पुलिस को सौंपा जाता है और जांच में यह पुष्टि होने के बाद कि वे गलती से आए थे, उन्हें निर्धारित क्रॉसिंग पॉइंट के जरिए पाकिस्तान वापस भेज दिया जाता है।
एलओसी पर तैनात जवान निगरानी नेटवर्क का इस्तेमाल करके क्रॉसिंग का पता लगाते हैं और ऐसे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संयम बरतते हैं।
उस व्यक्ति को हिरासत में लिया जाता है, भारतीय सेना शुरुआती पूछताछ करती है, और फिर उसे स्थानीय पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों को सौंप दिया जाता है ताकि यह पता चल सके कि घुसपैठ अनजाने में हुई थी या भारत में आने के पीछे कोई गलत मकसद था।17-year-old girl in Rajouri
इसके बाद भारतीय सेना तय हॉटलाइन और फ्लैग मीटिंग के जरिए पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों से संपर्क करती है।
वापसी की प्रक्रिया आमतौर पर निर्धारित एलओसी क्रॉसिंग और बॉर्डर पॉइंट पर होती है, जैसे पुंछ में चकान दा बाग, बारामूला/उरी में कमान अमन सेतु, या टिथवाल/सिमारी सेक्टर, जहां सिविल और मिलिट्री अधिकारी मौजूद रहते हैं।17-year-old girl in Rajouri
एससीएच/एएस


