केरल में निपाह का साया: कोझिकोड में मिला संक्रमित मरीज, वेंटिलेटर पर इलाज जारी; 77 लोगों पर मंडराया खतरा! Nipah Virus Kerala

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केरल में निपाह का साया: कोझिकोड में मिला संक्रमित मरीज, वेंटिलेटर पर इलाज जारी; 77 लोगों पर मंडराया खतरा! Nipah Virus Kerala

निपाह वायरस (Nipah Virus Kerala) का एक नया मामला

कोझिकोड (The Nation Times): दक्षिण भारतीय राज्य केरल से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। यहां के कोझिकोड जिले में जानलेवा निपाह वायरस (Nipah Virus Kerala) का एक नया मामला दर्ज किया गया है। पुणे वायरोलॉजी लैब से रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से पूरे जिले में हाई-अलर्ट घोषित कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें जमीन पर उतरकर संक्रमण को फैलने से रोकने की कोशिशों में जुट गई हैं।

वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रहा मरीज

Nipah Virus Kerala स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, कोझिकोड के रामनाट्टुकाला का रहने वाला एक 43 वर्षीय शख्स इस खतरनाक वायरस की चपेट में आया है। मरीज को पिछले कुछ दिनों से तेज बुखार, बदन दर्द और मानसिक भ्रम (दिमागी सूजन) के लक्षण थे। स्थिति बिगड़ने पर उन्हें कोझिकोड मेडिकल कॉलेज के आईसीयू (ICU) में शिफ्ट किया गया, जहां वे फिलहाल लाइफ सपोर्ट सिस्टम (वेंटिलेटर) पर हैं। डॉक्टरों की एक स्पेशल टास्क फोर्स उनकी सेहत पर नजर रखे हुए है।

कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में जुटे अधिकारी, 77 लोग रडार पर

Nipah Virus Kerala प्रशासन ने बिना वक्त गंवाए मरीज का ‘ट्रैवल और कॉन्टैक्ट रूट’ तैयार कर लिया है। अब तक की जांच में 77 ऐसे लोगों की पहचान की गई है जो पिछले दिनों किसी न किसी रूप में इस मरीज के संपर्क में आए थे।

इस सूची में शामिल लोगों का वर्गीकरण इस प्रकार है:

  • 58 मेडिकल स्टाफ: जिन्होंने शुरुआत में मरीज का इलाज किया या उनके सैंपल लिए।
  • 14 पारिवारिक सदस्य: जो घर पर मरीज की देखभाल कर रहे थे।
  • 5 करीबी दोस्त: जिनसे मरीज ने हाल ही में मुलाकात की थी।

प्रशासन के मुताबिक, इनमें से 15 लोगों को ‘हाई-रिस्क’ ज़ोन में रखा गया है। राहत की बात यह है कि इन 77 लोगों में से फिलहाल किसी में भी निपाह के लक्षण नहीं दिखाई दिए हैं, लेकिन एहतियातन सभी को घरों और अस्पतालों में आइसोलेट कर दिया गया है।

पुराने गोदाम की सफाई पड़ी भारी?

Nipah Virus Kerala शुरुआती मेडिकल हिस्ट्री से पता चला है कि पीड़ित व्यक्ति ने हाल ही में अपने बिजनेस के लिए एक पुराना और बंद पड़ा गोदाम किराए पर लिया था। उन्होंने बिना किसी सुरक्षा उपकरण (जैसे मास्क या ग्लव्स) के उस गोदाम की खुद सफाई की थी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का अनुमान है कि उस गोदाम में फल खाने वाले चमगादड़ (Fruit Bats) मौजूद थे, और उनके मलमूत्र के संपर्क में आने से ही यह शख्स संक्रमित हुआ। केरल में मई से सितंबर के बीच का समय निपाह के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है।

‘The Nation Times’ की जरूरी सलाह: अफवाहों से बचें, सुरक्षा अपनाएं

Nipah Virus Kerala केरल सरकार ने कोझिकोड में चौबीसों घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम एक्टिव कर दिया है। हमारी वेबसाइट अपने पाठकों से अपील करती है कि पैनिक होने की बजाय नीचे दी गई सावधानियों का पालन करें:

  1. फलों को धोकर खाएं: पेड़ों से सीधे गिरे हुए, पक्षियों द्वारा चोंच मारे गए या आधे कुतरे हुए फलों को खाने की गलती बिल्कुल न करें।
  2. चमगादड़ों के ठिकानों से दूरी: पुराने कुओं, खंडहरों या बंद गोदामों में जाने से बचें जहां चमगादड़ों का बसेरा हो सकता है।
  3. तुरंत डॉक्टर को दिखाएं: यदि आपके आसपास किसी को अचानक तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ या बेहोशी जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल को सूचित करें। IANS

केंद्र सरकार भी केरल के हालात पर नजर बनाए हुए है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए हर संभव मदद दी जा रही है।

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