राहुल गांधी ने CBSE OSM Contract Controversy कॉन्ट्रैक्ट में गड़बड़ी के आरोप लगाए

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राहुल गांधी ने CBSE OSM Contract Controversy कॉन्ट्रैक्ट में गड़बड़ी के आरोप लगाए
New Delhi: Leader of Opposition in Lok Sabha and Congress leader Rahul Gandhi attends the meeting of the National Advisory Council of the Congress Minority Department at Indira Bhavan in New Delhi on Saturday, May 23, 2026. (Photo: IANS/X/@INCIndia)

एडटेक कंपनी को चुनने के फैसले की न्यायिक जांच की मांग की

CBSE OSM Contract Controversy राहुल गांधी ने सीबीएसई के ओएसएम के लिए कॉन्ट्रैक्ट देने की प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोप लगाए

नई दिल्ली, 29 मई (TNT)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को सीबीएसई की ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग स्कीम’ (ओएसएम) के लिए कॉन्ट्रैक्ट देने की प्रक्रिया में गड़बड़ियों के नए आरोप लगाए। उन्होंने इस काम के लिए एडटेक कंपनी को चुनने के फैसले की न्यायिक जांच की मांग की।

CBSE OSM Contract Controversy सोशल मीडिया पर एक न्यूज क्लिप शेयर करते हुए गांधी ने इस मुद्दे को उठाने के लिए भाजपा मंत्रियों द्वारा उन पर किए गए हमलों का जवाब दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी और शिक्षा मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने पर सवाल उठाया।

कांग्रेस नेता ने यह इशारा किया कि ओएसएम का कॉन्ट्रैक्ट दिया ही नहीं गया था

इस पोस्ट में, जो शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा 12वीं क्लास के सीबीएसई मूल्यांकन सिस्टम में आई गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेने के एक दिन बाद आया, कांग्रेस नेता ने यह इशारा किया कि ओएसएम का कॉन्ट्रैक्ट दिया ही नहीं गया था।CBSE OSM Contract Controversy

सरकार पर इस साल से ओएसएम सिस्टम लागू करने में अनावश्यक जल्दबाजी दिखाने का आरोप लगाते हुए गांधी ने दावा किया कि टीसीएस के बजाय कोएम्प्ट नाम की एक कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था और उस कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए कई शर्तों में ढील दी गई थी।

CBSE OSM Contract Controversy गांधी ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और सीबीएसई कहते हैं कि सही प्रक्रिया का पालन किया गया। यह कोई जवाब नहीं है, यह कोई जवाबदेही नहीं है। सवाल यह है कि क्या कॉन्ट्रैक्ट ईमानदारी से उस सबसे अच्छी कंपनी को दिया गया था जो यह काम सही तरीके से कर सकती थी। 18.5 लाख बच्चों का भविष्य एक ऐसी कंपनी के हाथों में सौंप दिया गया, जो नियमों में बदलाव किए जाने के बाद ही योग्य साबित हो पाई।

CBSE OSM Contract Controversy राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा मंत्री मुझसे सवाल पूछने के लिए मुझ पर हमला कर रहे हैं कि मैंने पहले दिन से ही एक स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की है। इस जांच का दायरा सीबीएसई से बढ़ाकर कोएम्प्ट को दिए गए हर कॉन्ट्रैक्ट तक किया जाना चाहिए। हमारे युवाओं को सच जानने का हक है।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) और केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कुछ छात्रों के मामले में गड़बड़ियों की बात स्वीकार की है और सिस्टम में सुधार करने का वादा किया है।CBSE OSM Contract Controversy

12वीं क्लास के एक छात्र का मामला, जिसे गलती से किसी दूसरे उम्मीदवार की भौतिक विज्ञान की आंसर शीट भेज दी गई थी, डिजिटल मूल्यांकन में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर देशव्यापी बहस का कारण बन गया, जिससे सिस्टम की विश्वसनीयता को लेकर व्यापक चिंताएं पैदा हो गईं।

अपने बचाव में सीबीएसई ने बुधवार को गांधी के उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिनमें उन्होंने एक खास शिक्षा टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ किए गए कॉन्ट्रैक्ट में किसी भी तरह की अनियमितता की बात कही थी।CBSE OSM Contract Controversy

सीबीएसई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ये आरोप गलत और भ्रामक हैं और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।

CBSE OSM Contract Controversy बोर्ड ने कहा कि सीबीएसई ने इस एजेंसी को कॉन्ट्रैक्ट देते समय ‘सामान्य वित्तीय नियम’ के प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन किया है। सीबीएसई ने 28 अगस्त, 2025 को केंद्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल पर बोर्ड परीक्षाओं 2026 की आंसर शीट के डिजिटल मूल्यांकन के लिए प्रस्ताव के लिए अनुरोध जारी किया था और यह कॉन्ट्रैक्ट उस बोली लगाने वाली कंपनी को दिया गया जो इसके लिए योग्य थी।

आईएएनएस

डीकेएम/वीसी

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