
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता प्लांट में बॉयलर फटने से हुए भीषण हादसे के बाद जिला प्रशासन त्वरित रूप से सक्रिय
वेदांता प्लांट हादसा: घायलों के बेहतर उपचार के लिए कलेक्टर-एसपी मुस्तैद, कंपनी ने मुआवजे का किया ऐलान Vedanta plant accident सक्ति, 15 अप्रैल (TNT)। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता प्लांट में बॉयलर फटने से हुए भीषण हादसे के बाद जिला प्रशासन त्वरित रूप से सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय घटना एवं घायलों के उपचार को लेकर कलेक्टर अमृत विकास टोपनो तथा पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर से लगातार संपर्क में हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान कर रहे हैं।
गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार के लिए रायपुर के कालड़ा अस्पताल रेफर किया गया
Vedanta plant accident स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल भी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और कलेक्टर के साथ समन्वय बनाए हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर, एसपी तथा प्रशासन की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया गया। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद रायगढ़ के फोर्टिस हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज एवं अपेक्स अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार के लिए रायपुर के कालड़ा अस्पताल रेफर किया गया।
प्रशासन द्वारा घटनास्थल को बैरिकेड कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए
Vedanta plant accident प्रशासन द्वारा घटनास्थल को बैरिकेड कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। कलेक्टर टोपनो ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार घायलों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद शव उनके गृहग्राम तक एम्बुलेंस के माध्यम से भेजने और तात्कालिक सहायता राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी
Vedanta plant accident हादसे में घायल अथवा प्रभावित श्रमिकों को पूर्ण रूप से स्वस्थ होने तक बिना उपस्थिति के वेतन देने पर भी सहमति बनाई गई है। कलेक्टर ने बताया कि मुआवजा राशि को लेकर देर रात तक चर्चा कर सहमति स्थापित की गई है। घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं तथा जांच टीम जल्द ही घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। रेस्क्यू कार्य में एसडीआरएफ की टीम भी सक्रिय है। मुख्यमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए तथा घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि की घोषणा की गई है।
Vedanta plant accident इसी प्रकार प्रधानमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपए और घायलों के लिए 50 हजार रुपए की अनुग्रह सहायता स्वीकृत की गई है। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने जानकारी दी कि इस हादसे में कुल 36 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 17 की मृत्यु हो चुकी है तथा 19 घायल हैं, जिनका उपचार जारी है। कंपनी प्रबंधन ने कहा कि वे प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। दिवंगत श्रमिकों के परिजनों को 35 लाख रुपए की आर्थिक सहायता एवं रोजगार सहयोग, तथा घायलों को 15 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
औद्योगिक सुरक्षा नियम” “हादसे की खबरें” “कॉर्पोरेट जिम्मेदारी” “वर्कर सेफ्टी“
Vedanta plant accident हादसे में मृतकों में छत्तीसगढ़ के 5, बिहार के 2, झारखंड के 3, पश्चिम बंगाल के 5 तथा उत्तर प्रदेश के 2 मजदूर शामिल हैं। मृतकों में रितेश कुमार (सोनबर्शा, भागलपुर, बिहार), अमृत लाल पटेल (मंझापारा, डभरा, सक्ती, छत्तीसगढ़), थंडा राम लहरे (मालखरौदा, सक्ती, छत्तीसगढ़), तरुण कुमार ओझा (सिंदरी, धनबाद, झारखंड), आकिब खान (दरभंगा, बिहार), सुसांत जना (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल), अब्दुल करीम (झारखंड),
उधव सिंह यादव (रायगढ़, छत्तीसगढ़), शेख सैफुद्दीन (हल्दिया, पश्चिम बंगाल), पप्पू कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश), अशोक परहिया (पलामू, झारखंड), मनस गिरी (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल), बृजेश कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश), रामेश्वर महिलांगे (जांजगीर–चांपा, छत्तीसगढ़), कार्तिक महतो (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल), नदीम अंसारी (सक्ती, छत्तीसगढ़) और शिबनाथ मुर्मू (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल) शामिल हैं। —आईएएनएस एएमटी/डीकेपी

