स्वास्थ्य जांच, औषध वितरण और जागरूकता कार्यक्रम से सैकड़ों मरीज हुए लाभान्वित
दसवें आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में मय्यड़ स्थित आयुष अस्पताल में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस चिकित्सा शिविर में आयुर्वेद एवं होम्योपैथी पद्धतियों से मरीजो को निःशुल्क परामर्थ एवं औषध वितरण दवारा स्वास्थ्य लाभ पहुंचाया गया। वर्तमान में चल रहे आठवें राष्ट्रीय पोषण माह की थीम ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार के अनुरूप एनीमिया, मधुमेह, रक्तचाप जैसी बीमारियों की विशेष स्क्रीनिंग की गयी।

मरीजो को उनकी प्रकृति के अनुसार दिनचर्या, नाड़ी एवं प्रकृति परीक्षा, ऋतुचर्या, खान-पान के बारे मे जागरूक किया गया। इस शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा. धर्मपाल पुनिया, व विशिष्ट अतिथि के रूप में सरपंच विकास कुहाड उपस्थित रहे। उन्होंने इस अवसर पर पोषण पखवाड़ा एवं आयुर्वेद दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला और जनमानस को आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इस अवसर पर आये हुये सभी मरीजों की जागरूकता के लिये सेमिनार का आयोजन किया व जनसाधारण को पाँधे वितरित किये गये।
राष्ट्रीय पोषण माह पर विशेष फोकस
वर्तमान में मनाए जा रहे आठवें राष्ट्रीय पोषण माह की थीम “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” के अनुरूप शिविर में महिलाओं और बच्चों पर विशेष ध्यान दिया गया। महिला मरीजों की एनीमिया जांच की गई और उन्हें पोषण संबंधी जानकारी दी गई। चिकित्सकों ने कहा कि यदि महिलाएं स्वस्थ होंगी तो पूरा परिवार सशक्त और स्वस्थ रहेगा।
मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि की उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा. धर्मपाल पुनिया तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में गांव के सरपंच विकास कुहाड उपस्थित रहे।
डा. पुनिया ने अपने संबोधन में कहा कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा प्रणाली नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक संपूर्ण शैली है। उन्होंने लोगों से आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
सरपंच विकास कुहाड ने कहा कि गांव में ऐसे शिविरों का आयोजन समय-समय पर होना चाहिए, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लोग भी विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेकर लाभ उठा सकें।
जागरूकता कार्यक्रम और पौधारोपण
शिविर में मरीजों और ग्रामीणों के लिए एक जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें आयुर्वेदिक पद्धतियों, पंचकर्म, योग और प्राणायाम के महत्व पर जानकारी दी गई। साथ ही लोगों को औषधीय पौधे वितरित किए गए, ताकि वे घर पर भी प्राकृतिक औषधियों का लाभ उठा सकें।
सैकड़ों लोगों ने उठाया लाभ
शिविर में लगभग 300 से अधिक मरीजों की जांच की गई। मधुमेह और रक्तचाप से पीड़ित मरीजों को निःशुल्क दवाइयां दी गईं। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को विशेष परामर्श दिया गया। ग्रामीण महिलाओं ने शिविर को उपयोगी बताते हुए कहा कि उन्हें पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी नई जानकारी प्राप्त हुई।
आयुर्वेद दिवस का महत्व
गौरतलब है कि आयुर्वेद दिवस प्रतिवर्ष भगवान धन्वंतरि जयंती पर मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को भारतीय परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों के महत्व से जोड़ना और आधुनिक जीवनशैली में आयुर्वेदिक सिद्धांतों के अनुपालन को प्रोत्साहित करना है।


