लेह जैसी खूबसूरत जगह को देखने के लिए लोग वहां जाना पसंद करते हैं लेकिन एक युवक ने लेह की ठंड से बचने के लिए खुद ही अपने अपहरण की मनगढ़ंत कहानी रच डाली ताकि उसे नौकरी करने के लिए लेह न जाना पड़े. रेलवे पुलिस के मुताबिक 12 मार्च को एक शिकायतकर्ता विमलेश शाह जो बिहार के पश्चिमी चंपारण का रहने वाला है, वो नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचा और उसने बताया कि 11 मार्च को वो अपने दोस्त गोलू और सूरज के साथ ट्रेन नं. 12557 से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन आया क्योंकि उन्हें लेह जाना था. जब वे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर थे, तो उसका एक दोस्त सूरज शौच के लिए गया था, लेकिन काफी देर इंतजार करने के बाद भी सूरज वापस नहीं आया.
तब सभी दोस्तो ने स्टेशन पर सूरज को 6/7 घंटे तक खोजा लेकिन वह नहीं मिला. उसके लापता होने के कुछ घंटों के बाद सूरज को छोड़ने के लिए 5000 रुपये की फिरौती की मांग का एक मैसेज सूरज के मोबाइल नंबर से अजीत (सूरज का भाई) को मिला. दिल्ली पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के लिए जिसे जीआरपी रेलवे को ये मैसेज भेजा. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पुलिस ने आइपीसी 364 ए के तहत 12 मार्च को थाना एनडीआरएस में मामला दर्ज किया और जांच शुरू की गई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित का पता लगाने के लिए तुरंत सभी सोर्स और टेक्निकल सर्विलांस की मदद ली गई. दिल्ली के केशोपुर सब्जी मंडी इलाके से पीड़ित का पता लगा लिया. जब पीड़ित से पूछताछ हुई तो उसका जवाब हैरान करने वाला था. गायब सूरज ने बताया कि शिकायतकर्ता विमलेश शाह, गोलू और वह नौकरी की तलाश में लेह जाने वाले थे क्योंकि उन्होंने वहां अच्छी सैलरी के बारे में सुना था. जब वे सभी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर थे, तो विमलेश शाह और गोलू लेह के ठंडे मौसम के बारे में बात करने लगे. वे कह रहे थे कि लेह सबसे ठंडी जगह है और लेह के ठंडे मौसम में जीवित रहना मुश्किल है. लेह की ठंडी स्थिति सुनकर सूरज डर गया और उसे लगा कि वहां जीवित नहीं रह पाएगा.


