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- किसानों के भारत बंद का असर शहरी क्षेत्र में नहीं दिखा, सरसौद में प्रतीकात्मक पिकेटिंग और ग्रामीणों ने कालीरावण में चार घंटे तक सड़क जाम किया
हिसार28 मिनट पहले
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सरसौद में नेशनल हाईवे 52 पर भारत बंद के दौरान कृषि कानूनों के विरोध में सांकेतिक धरना देते किसान।
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति दिल्ली के आह्वान पर किसान सभा और ग्रामीणों ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनाें के विरोध में रोड जाम कर प्रदर्शन किया। हिसार और हांसी के शहरी क्षेत्र में भारत बंद का कोई असर नहीं दिखा। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह किसानों ने रोड जाम कर प्रदर्शन किया।
नेशनल हाईवे 52 पर सरसौद के बिजली घर के पास संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष काला कनोह के नेतृत्व में किसानों ने दोपहर 12 से 4 बजे तक हाईवे पर सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान किसानों ने नारेबाजी की। सरसौद बिछपड़ी में बनाए गए केंद्र पर कई किसान संगठनों को भारत बंद में आना था, लेकिन कुछ ही किसान पहुंच पाए। भ्यान खाप पंचायत के प्रवक्ता बलवान सुंडा ने किसानों को संबोधित किया।
पुलिस प्रशासन ने बहबलपुर में नाका लगाकर वाहनों के निकलने का प्रबंध किया। कुछ किसानों ने वाहन चालकों को रोककर जबरन वाहनों की चाबी भी निकाली। इस दौरान युवा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. कृष्ण, दिलबाग ढिल्लो, सुखबीर बिचपड़ी, प्रेम किरोड़ी, विकास, सोमबीर भगाना, सतवीर पूनियां लाडवा, बलवान धिकताना, सुरेंद्र उर्फ काला कनोह, प्रेम सिंह, राजीव पातड, सत्यवान, सुरेंद्र लितानी, सोमबीर, रणधीर बम्बल सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
किसान सभा का 9 को करनाल में सीएम आवास पर धरने का ऐलान
कालीरावणा गांव में 4 घंटे तक किसानों अग्रोहा-आदमपुर रोड जाम किया। इस दौरान ग्रामीणों ने केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जाम की सूचना मिलने पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट पीडब्लूडी के एक्सईएन रिशाल सिंह, डीएसपी जोगेंद्र शर्मा, अग्रोहा थाना प्रभारी गुरुमीत दल-बल सहित पहुंचे और किसानों से रास्ता खोलने की अपील की। लेकिन किसानों ने रास्ता खोलने से मना कर दिया। जिससे प्रशासन को वाहनों का :ट बदलना पड़ा। धरना खत्म होने के बाद शाम 4 बजे आदमपुर-अग्रोहा मार्ग सुचारू रूप से शुरू हो पाया।
वहीं सिवानी के ईशवाल में भी रास्ते को जाम किया गया। इस दौरान किसान सभा ने आगामी 9 नवंबर को करनाल में मुख्यमंत्री आवास पर धरने का फैसला किया। इधर नारनौंद में भारत बंद का कोई असर नहीं हुआ। बंद के मद्देनजर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन की तरफ से भारी पुलिस बल तैनात किया गया। किसान यूनियन के प्रभाव वाले आसपास के क्षेत्रों, गांवों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
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