हरियाणा सरकार ने गन्ना उत्पादक किसानों का दिवाली का तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को गन्ने की अगेती किस्म के लिए 372 रुपये में 14 रुपये की बढ़ोतरी करते हुए 386 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अगले साल के लिए भी गन्ने के रेट में बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है।
अगले साल के लिए गन्ने का रेट 400 रुपये प्रति क्विंटल होगा। हरियाणा सरकार ने बताया कि अगले साल जिन दिनों गन्ने का मूल्य घोषित किया जाता है, उन दिनों संभवत: आचार संहिता लगी होगी। क्योंकि अगले साल अक्टूबर में हरियाणा में विधानसभा चुनाव है इसलिए अगले साल के मूल्य अभी जारी किए गए हैं। राज्य सरकार के इस फैसले से पहले पंजाब सरकार सबसे ज्यादा मूल्य पर गन्ने की खरीद कर रही थी। पंजाब सरकार ने गन्ने का मूल्य 380 रुपये कर रखा था। नए फैसले से अब हरियाणा आगे निकल गया है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि राज्य सरकार सदैव किसान हित में निर्णय लेती है और हम उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्धत हैं। प्रदेश के किसान भाई बहुत ही परिश्रम से खेती करते हैं और अपनी उपज बाजार में बेचकर हरियाणा की आर्थिक स्थिति को मजबूत करते हैं। इन्हीं प्रयासों के फलस्वरूप हरियाणा एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां 14 फसलों की खरीद एमएसपी पर की जाती है। इस साल 424 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में करीब 1.20 लाख हेक्टेयर में गन्ने की बिजाई होती है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा की गन्ने के मूल्य में बढोतरी के बाद हरियाणा के किसानों को गन्ने का मूल्य देश में सर्वाधिक मूल्य मिलता है।
हरियाणा सरकार ने नौ महीने में दूसरी बार गन्ने का मूल्य बढ़ाया
हरियाणा सरकार ने नौ महीने में दूसरी बार गन्ने का मूल्य बढ़ाया है। इससे पहले 25 जनवरी को हरियाणा सरकार ने गन्ने की कीमत में 10 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की थी। जनवरी में मूल्य बढ़ने पर राज्य में गन्ने की कीमत 372 रुपये प्रति क्विंटल हो गया था। इससे पहले राज्य में 362 रुपये की दर से गन्ने की खरीद की जा रही थी। और अब यह मूल्य 386 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है।
किसानों ने सर्कार के इस कदम की सराहना की
किसान अक्षय कुमार ने कहा कि हरियाणा सरकार की यह पहल सराहनीय है। मगर महंगाई को देखते हुए यह मूल्य करीब 450 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए। गन्ने की खेती पर ज्यादा खर्च होता है। इसी साल इसी साल जनवरी के महीने में किसानों ने गन्ने का दाम बढ़ाने को लेकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान किसानों ने विरोध कर राज्य की 14 मिलों के मुख्य प्रवेश द्वारों पर ताला लगाकर गन्ने की आपूर्ति बंद कर दी थी। इससे राज्य की कई चीनी मिल बंद हो गई थी। कई जगह ट्रैक्टर रैली निकाली गई थी। विरोध कर रहे किसान गन्ने के राज्य अनुशंसित मूल्य को 362 रुपये से बढ़ाकर 450 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग कर रहे थे। उसके बाद सरकार ने गन्ने के रेट में दस रुपये की बढ़ोतरी की थी।
जेपी दलाल ने दिए थे संकेत
पिछले हफ्ते ही गन्ना नियंत्रण बोर्ड की बैठक में कृषि मंत्री जेपी दलाल ने इस बात के संकेत दिए थे कि हरियाणा सरकार जल्द गन्ने का मूल्य बढ़ा सकती है। उन्होंने कहा था कि वह जल्द ही इस बारे में मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। इस मौके पर उन्होंने यह भी जानकारी दी थी कि हरियाणा सरकार ने पेराई सत्र 2022-23 के दौरान गन्ना किसानों को 2,819 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। साल 2022-23 के गन्ना पेराई सत्र में विभिन्न चीनी मिलों ने 770.73 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की, जिसमें 9.70 प्रतिशत की चीनी रिकवरी हुई।
जानिए किस राज्य में कितना है गन्ने का मूल्य
हरियाणा | 386 |
पंजाब | 380 |
उत्तराखंड | 355 |
उत्तर प्रदेश | 350 |
बिहार | 335 |