[ad_1]
अजमेर21 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अजमेर
- जेएलएन मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को बताई विभिन्न समस्याएं, मांगा समाधान
अजमेर के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है और ऐसे में परेशान रेजीडेंट ने इस सम्बन्ध में प्राचार्य को विभिन्न समस्याएं बताई और समाधान मांगा है। रेजीडेन्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अध्यक्ष डॉ. गोवर्धन सैनी व पदाधिकारियों की प्रधानाचार्य डॉ वी.बी. सिंह और अस्पताल अधीक्षक डॉ अनिल जैन के साथ बैठक हुई और बैठक में विभिन्न समस्याएं बताई जिसमें पीने का पानी नहीं मिलने के साथ सपफाई के माकूल इंतजाम नहीं होने जैसी कई समस्याओं का समाधान मांगा। प्रशासन ने एक माह के भीतर समस्या समाधान का आश्वासन दिया है।
यह बताई समस्याएं
—सफाई ठेकेदार की ओर से केवल खानापूर्ति हो रही है। हॉस्टल में चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। सपफाई के माकूल इंतजाम हो।
—हॉस्टल में अधिकतर समय सुरक्षा गार्ड गायब रहते है, उनकी हॉस्टल में 24 घंटे उपलब्धता
सुनिश्चित करवाई जाए।
— सभी हॉस्टल्स में पीने के पानी का अभाव है, रोज लगभग 10 हजार का पानी चिकित्सक खरीद कर पीते है। बीसलपुर का पानी कनेक्शन करवाया जाए।
—पिछले 10 महीने से पानी की टंकियों की सफाई नहीं हुई है, कैंटीन की व्यवस्था करवाई जाएं, सभी हॉस्टल में गीजर लगवाएं जाएं।
—रेजिडेंट चिकित्सकों का जुलाई से दिसम्बर 2020 का बकाया एरियर दीवाली से पहले दिलवाया जाएं।
— कोविड नियमों को देखते हुए लाइब्रेरी व जिम को खुलवाया जाएं। चिकित्सकों को पढ़ाने और मासिक परीक्षा का शेड्यूल बनाया जाएं।
—जो यहां नहीं रहना चाहते है उन्हें सरकार के नियमानुसार फ्रेशर को 2500 रुपए प्रतिमाह और सर्विस पीजी को 16% मकान किराया भता दिया जाएं।
—रेजिडेंट चिकित्सकों को मानसिक स्वास्थय को तंदरुस्त रखने के लिए खेल कूद प्रतियोगिता, , एनुअल फंक्शन आयोजित किए जाएं।
—हॉस्टल वार्डन की वीकली हॉस्टल विजिट होना सुनिश्चित करवाया जाएं। हॉस्टल में बाथस्म के टूटे हुए गेट और रोज गिरती दीवारों की मरम्मत करवाई जाए।
—रेजिडेंट की हॉस्टल /हॉस्पिटल की समस्या को सुलझाने के लिए कमेटी बनाई जाएं, जिसकी हर 15 दिन में मीटिंग बुलाई जाएं।
—हॉस्पिटल में मारपीट, गाली गलौज के मामलों में सीनियर की हमेशा अनुपस्थति रहती है, रेजिडेंट के सूचना देने पर सीनियर को मौके पर पहुंचने के लिए पाबंद किया जाएं।
—होमगार्ड के जवानों की प्रतिदिन रिपोर्ट पर ड्यूटी डॉक्टर के हस्ताक्षर करवाएं जाएं। उसके बाद ही उनको वेतन मिलें।
—इमरजेंसी ड्यूटी कर रहे रेजिडेंट चिकित्सकों को N95 मास्क उपलब्ध करवाएं जाएं एवं सीएमओ ड्यूटी मात्र खाना पूर्ति ना हो, वो भी साथ बैठकर मरीज़ देखे और हमे सिखाएं।
—सभी वार्ड, आईसीयू, ओपीडी में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के बैनर लगाएं जाए। हॉस्पिटल/हॉस्टल की समस्याओं को हल करवाएं।
[ad_2]
Source link

