2021 तक हिमाचल को निराश्रित पशु मुक्त राज्य बनाना – जय राम ठाकुर, शिमला समाचार हिंदी में

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2021 तक हिमाचल को निराश्रित पशु मुक्त राज्य बनाना - जय राम ठाकुर - शिमला समाचार हिंदी में





शिमला ।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने सोमवार को कहा कि हिमाचल
2021 तक बेसहारा पशु मुक्त राज्य होगा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में
हिमाचल देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरेगा।

यहां पशुपालन विभाग की गौसदन, गौशाला और गौ अभयारण्य योजना को
सहायता और राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम चरण-दो के शुभारंभ के
अवसर पर जय राम ठाकुर ने कहा कि डेढ़ साल के भीतर हिमाचल प्रदेश को देश का
बेसहारा पशु मुक्त राज्य बनाने के प्रयास जारी हैं।

मुख्यमंत्री ने
कहा कि गौसदन, गौशाला, गौ अभयारण्य योजना सहायता के अंतर्गत भारत सरकार के
दिशा-निर्देशों के अनुरूप, पशु उत्पादकता और स्वास्थ्य के लिए सूचना
नेटवर्क और राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत पूर्ण टैगिंग
के बाद उन सभी गौसदनों, गौशालाओं, और गौ अभयारण्यों के रख-रखाव के लिए
भत्ते के रूप में प्रति माह 500 प्रति गाय दिए जाएंगे, जिनमें मवेशियों की
संख्या 30 या इससे अधिक है।

उन्होंने कहा कि इन लाभों को सरकार
द्वारा स्थापित गौ अभयारण्यों, गौशालाओं, पंचायतों, महिला मंडलों, स्थानीय
निकायों और गैर-सरकारी संगठनों आदि द्वारा चलायी जा रही गौ अभयारण्यों और
गौशालाओं तक बढ़ाया जाएगा।

जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने
यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि किसी को भी अपने मवेशियों को
लावारिस छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

जय राम ठाकुर ने कहा कि
सरकार ने अब प्रति बोतल शराब पर 1.50 रुपये प्रति मवेशी रुपये का उपकर
लगाने का फैसला किया है ताकि राजस्व में बढ़ोतरी के साथ गौ अभयारण्यों को
विकसित किया जा सके। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि
सड़कों पर एक भी मवेशी नहीं मिले जिसके लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता
है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गभार्धान कार्यक्रम चरण-
दो के अंतर्गत मवेशियों की नस्ल सुधारने के लिए कृत्रिम गर्भाधान की
सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे किसानों को अपनी आमदनी बढ़ाने में सहायता
मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के आठ लाख से अधिक किसान लाभान्वित
होंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य के सात जिलों में सात गाय अभयारण्य
स्थापित किए जा रहे हैं, जिन्हें जल्द ही क्रियाशील बनाया जाएगा। उन्होंने
कहा कि कृषि विभाग गौर अभयारण्यों से गाय का गोबर खरीदेगा और किसानों को
केंचुआ खाद के रूप में बेचा जाएगा। गौ अभयारण्य क्षेत्रों में चारे के पेड़
लगाने के भी प्रयास किए जाएंगे ताकि गायों को हरा चारा मिल सके। उन्होंने
कहा कि राज्य सरकार साल में दो बार मवेशियों का मुफ्त टीकाकरण सुनिश्चित
करेगी।

— आईएएनएस

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