देश भर में मनाया गया भाई बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व, भैयादूज
दीपावली हिन्दुओं का सबसे बड़ा त्योहार है और पांच दिवसीय त्योहार के पांचवे दिन मनाया जाता है, भाई दूज का पर्व। भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जा ता है। भाई दूज का पर्व भाई-बहन के रिश्ते पर आधारित पर्व है, जिसे बड़ी श्रद्धा और परस्पर प्रेम के साथ मनाया जाता है। बहन अपने भाई को तिलक लगाकर, उपहार देकर उसकी लम्बी उम्र की कामना करती है।
इसी भावना को मद्देनजर रखते हुए देश भर में भाई दूज का पर्व धूमधाम से और पारिवारिक स्नेह के साथ मनाया गया। दीवाली के पांच दिवसीय उत्सव के अंतिम दिन भाईदूज का पर्व बड़े ही प्रेम के साथ मनाते हुए भाईचारे, प्रेम और सौहार्द का संदेश दिया गया।
कोरोना काल में जहाँ कुछ भाई बहन सिर्फ ऑनलाइन ही इस पर्व को मना सके, वहीं दूसरी ओर एक ही क्षेत्र में रह रहे भाई बहनों के लिए नज़दीकी लाभदायक साबित हुई। जहां भाइयों ने तिलक लगवाने के बाद बहनों को उपहार व आशीर्वाद दिए, वहीं बहनों ने अपने भाइयों को तिलक कर, मोली का धागा बांधते हुए सूखा नारियल और कुछ पैसे, शगुन के रूप में देती हैं और उनकी लंबी आयु और सफलता की कामना करती हैं।

भाईदूज का पर्व हर्षोल्लास एवं खुशियाँ लेकर आता है। रक्षाबंधन के साथ साथ भैयादूज का त्योहार भी इस प्रेम भाव और भाई बहन की खुशियों का प्रतीक है।



