बिजनेस

हरियाणा प्रदेश के युवा, उद्यमी व किसानों के लिए सुनहरा अवसर, एक आइडिया दिला सकता है 25 लाख रू. की ग्रांट

हिसार :17 अक्तूबर
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में स्थापित एबिक सेंटर ने छात्रों, उद्यमी व किसानों से बिजनेस आइडिया मांगे हैं जो उनको कृषि व्यवसायी बनाने में अहम रोल अदा कर सकता है। अब एबिक ने पहल व सफल में आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अक्तूबर 2022 तक बढ़ा दी है। इसके लिए उम्मीदवार को चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय व एबिक की वेबसाइट www.hau.ac.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यह जानकारी देते हुए एबिक के प्रिंसीपल इनवेस्टीगेटर डॉ. राजेश गेरा ने बताया कि इस सेंटर के माध्यम से विद्यार्थी, बेरोजगार युवा, किसान व उद्यमी मार्केटिंग, नेटवर्किग, लाईसेंसिग, ट्रैडमार्क व पेटेंट, तकनीकी व फंडिग से संबंधित प्रशिक्षण लेकर कृषि क्षेत्र में अपने स्टार्टअप को नया आयाम दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि इच्छूक उम्मीदवार के लिए कृषि क्षेत्र में अपना व्यवसाय स्थापित करने का यह एक सुनहारा अवसर है, जिसे पहल व सफल में आवेदन करके 25 लाख रूपए तक की ग्रांट व दो महीने के प्रशिक्षण का लाभ उठाया जा सकता है।

कृषि एवं इसके सहायक व्यवसायों में को उन्नत बनाने और तरक्की के लिए यूनीक आईडिया दे कर न केवल इस योजना का लाभ उठाया जा सकता है बल्की क्षेत्र विशेष में प्रशिक्षण लेकर युवा अपने जीवन को उन्नति के नए आयाम से जोड़ सकते हैं। अक्सर यह देखा जाता है कि खेती से जुड़ हुआ हमार किसान भाई ज्यादा उत्पान पाने के लिए नए नए प्रयोग करता रहता है कभी कभी ऐसा भी होता है कि उनके पास अच्छी योजना तो होती है लेकिन उसे धरातल पर लाने के लिए पर्याप्त धन नहीं होता है। ऐसे ही किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में स्थापित एबिक सेंटर छात्रों, उद्यमियों और किसानों को व्यवसाय से जोड़ने का प्रयास कर रहा है।

आवेदन से पहले इन बातों का रखें विशेष ध्यान
आवेदन की प्रक्रिया नि:शुल्क होगी। आवेदन करने वाला प्रदेश या फिर निकटवर्ती राज्य का होना जरूरी है, जो हरियाणा में आकर अपना व्यवसाय स्थापित करने का इच्छूक हो। इसके अलावा आवेदन करने वाले का मुख्य आइडिया एग्री बॉयोटैक, बागवानी, जैविक खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन, सूक्ष्म सिंचाई, कृषि अभियांत्रिकी, खेती मशीनीकरण, कम खर्च में अधिक उत्पादन, आपूर्ति श्रृखंला प्रबंधन, कटाई व कटाई के बाद की प्रक्रिया, खाद्य प्रक्रिया एवं मूल्य संवर्धन, कृषि में कृत्रिम  बुद्धिमता इत्यादि का विशेष ध्यान रखना होगा।

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