गोवा के चार बार मुख्यमंत्री और भारत सरकार मे रक्षा मंत्री रहे मनोहर पारिकर का कल रात नौ बजे निधन हो गया l बिगत काफ़ी समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे अंतिम दम तक गोवा राज्य के मुख्यमंत्री रहे

आज रहेगा राष्ट्रीय शोक

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ पर्रिकर के निधन के बाद उनके सम्मान के तौर पर सोमवार को होने वाली बीजेपी ने केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक समेत अपने सभी आधिकारिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं.

मुख्यमंत्री पारिकर के निधन के बाद गोवा मे राजनीति

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर का रविवार को निधन होने के बाद राज्य में भाजपा नीत गठबंधन दलों ने एक नए नेता की तलाश में बैठक की। परिकर (63) का रविवार को उनके निजी आवास पर अग्नाशय कैंसर से निधन हो गया। आधिकारिक तौर पर कहा गया था कि वह अग्नाशय संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं। वह गोवा में एक गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे थे जिसमें भाजपा, गोवा फॉरवर्ड पार्टी, एमजीपी और निर्दलीय शामिल हैं। इस बीच देर रात केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी भाजपा विधायकों से मिलने पणजी पहुंचे हैं।   

क्या खूब थे पारिकर

मनोहर परिकर अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनकी सादगी का हर कोई कायल रहता था। बतौर मुख्यमंत्री वो बिना किसी की फिक्र किए स्कूटर से भी ऑफिस पहुंच जाते थे। लोग उन्हें स्कूटर वाला मुख्यमंत्री भी कहते थे। परिकर आधी बांह की शर्ट पहनना पसंद करते थे। उन्हें वीआईपी कल्चर पसंद नहीं था, यही वजह थी कि वो रेस्तरां की बजाय फुटपाथ पर चाय-नाश्ता किया करते थे। यहीं से मोहल्लों की खबर जुटा लिया करते थे। वह कहते थे- चाय स्टॉल पर सभी नेताओं को चाय पीनी चाहिए, राज्य की सारी जानकारी यहां मिल जाती हैं। वह पंक्ति में लगकर खाना खाते थे, अपना काम भी लाइन में लगकर ही करवाते थे। उनकी सादगी का अंदाजा इससे लगाइए कि उन्हें हूटर लगी गाड़ियां पसंद नहीं थीं।

डॉ. मनोहर गोपालकृष्णन प्रभु परिकर चार बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे। पहली बार 2000 से 2002 तक, दूसरी बार 2002 से 2005, तीसरी बार 2012 से 2014 और चौथी बार 14 मार्च 2017 से अब तक। 2017 में जब भाजपा गोवा विधानसभा चुनाव में बहुमत से दूर थी, तब दूसरे दलों ने परिकर को मुख्यमंत्री बनाने की शर्त पर ही समर्थन दिया था।