पासपोर्ट पर मिला दाग का निशान, तो IGI Airport Police ने मुसाफिर को किया गिरफ्तार

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IGI Airport Police : पासपोर्ट के पन्‍ने पर लगे एक ‘दाग’ ने इमीग्रेशन अधिकारी का मूड खराब कर दिया. जिसके बाद, इमीग्रेशन के अफसर इन मुसाफिर को हिरासत में लेकर एयरपोर्ट पुलिस के हवाले कर दिया. वहीं एयरपोर्ट पुलिस ने भी इस मुसाफिर के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया. दिल्‍ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्‍ट्रीय एयरपोर्ट का यह मामला करीब सवा दो साल पुराना है. वहीं, सवा दो साल बाद इस मामले में एक नया ट्विस्‍ट आया है. ट्विस्‍ट यह है कि आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने पासपोर्ट में ‘दाग’ लगा ‘गंदगी’ फैलाने वाले शख्‍स को भी गिरफ्तार कर लिया है.

आईजीआई एयरपोर्ट की डीसीपी उषा रंगनानी के अनुसार, यह मामला भी फर्जी वीजा-पासपोर्ट सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है. दरअसल, इस मामले की शुरूआत करीब सवा दो साल पहले 9 अक्‍टूबर 2021 को राजकिशोर नामक एक शख्‍स संयुक्त अरब अमीरात के रास अल-खैमा शहर जाने के लिए आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचा था. इमीग्रेशन जांच के दौरान पाया गया कि राजकिशोर के पासपोर्ट के पेज संख्‍या सात पर लगे दक्षिण अफ्रीका का वीजा में कोई भी सिक्‍योरिटी फीचर नहीं था. जांच में दक्षिण अफ्रीका के इस वीजा को फर्जी पाया गया था. राजकिशोर के पासपोर्ट पर लगे इस ‘दाग’ की वजह से उसे गिरफ्तार कर लिया गया था.

पूछताछ में राजकिशोर ने बताया कि उसे पासपोर्ट पर यह दाग संतोष कुमार गुप्‍ता नामक एक एजेंट की वजह से लगा था. पासपोर्ट में इस ‘गंदगी’ को फैलाने के एवज में उसने राजकिशोर से 60 हजार रुपए भी वसूले थे. राजकिशोर के खुलासे के आधार पर आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने संतोष कुमार गुप्‍ता के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी. वहीं, राजकिशोर की गिरफ्तारी की भनक लगते ही सतोष फरार हो गया था. उस वक्‍त, पुलिस ने संतोष की गिरफ्तारी की तमाम कोशिश हुईं, लेकिन हर बार वह पुलिस की गिरफ्त से बचने में कामयाब रहा.

उत्‍तर प्रदेश के कुशी नगर से हुई गिरफ्तारी
डीसीपी उषा रंगनानी के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस स्‍टेशन के एसएचओ विजेंद्र राणा के नेतृत्‍व में एक टीम का गठन किया गया था, जिसमें सब इंस्‍पेक्‍टर मदन लाल और हेडकॉन्‍स्‍टेबल हरिओम भी शामिल थे. इसी बीच, पुलिस टीम को इंटेलीजेंस इनपुट मिला कि आरोपी संतोष उत्‍तर प्रदेश के कुशीनगर में आने वाला है. इंटेलीजेंस इनपुट के आधार पर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. पूछताछ में उसने कई महत्‍वपूर्ण खुलासे किए हैं.

दिल्‍ली के एजेंट की मदद से हासिल किया फर्जी वीजा
पूछताछ के दौरान संतोष ने पुलिस को बताया कि कुछ साल पहले वह दुबई में मजदूरी का काम करता था. जिसके चलते, दुबई में रोजगार के इच्‍छुक स्‍थानीय लोग उससे आकर मिलते रहते थे. इसी बात का फायदा उठाकर उसने लोगों को ठगने का फैसला किया और यात्री राजकिशोर से उसके लिए दक्षिण अफ्रीका का वीजा लगवाने के लिए पैसे ले लिए. राजकिशोर से रुपए लेने के बाद उसने दिल्‍ली के अन्‍य एजेंट से संपर्क किया. इस एजेंट से दक्षिण अफ्रीका का वीजा लेने के बाद उसने पासपोर्ट राजकिशोर को वापस कर दिया. अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि राजकिशोर की तरह संतोष ने कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है.

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