[ad_1]
अम्बाला16 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
सिटी के शंभू में पंजाब के किसानाें व नेताओं के जीटी राेड जाम के कारण पैदल जाने को मजबूर हुए यात्री।
- बाॅर्डर पर दाेनाें तरफ ट्रकाें की लाइन लगी, शाम काे जाम खुला तो मिली राहत
दाेपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अम्बाला-शंभू बाॅर्डर बंद रहा। पंजाब की तरफ से कृषि कानूनाें काे लेकर किसान व राजनीतिक संगठनाें ने विराेध जताया। एक तरफ शंभू मोर्चा ने हाइवे बंद रखा ताे दूसरी तरफ शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के समर्थकों ने जाम लगाया। हाइवे बंद हाेने से एक बार फिर लाॅकडाउन की यादें ताजा हाे गई। लाेगाें काे दाेनाें तरफ से पुलिस ने बेरिकेड्स लगाकर राेके रखा।
देवी नगर की तरफ से अम्बाला पुलिस ने वाहनाें काे डायवर्ट करवाया। वहीं, पंजाब पुलिस ने भी बेरिकेड्स लगाकर ट्रैफिक काे डायवर्ट किया। बसाें, कार और बाइक पर आने वाले लाेगाें काे भारी परेशानी हुई। कई लाेग ताे सिर पर सामान लादकर मजबूरी में पैदल बाॅर्डर पार जाते दिखे।
यात्री जतिन, रेखा, शकुंतला, गुरप्रीत सिंह ने बताया कि उन्हें अम्बाला से पटियाला जाना था, मगर हाइवे बंद हाेने से बाॅर्डर पर ही उतरा पड़ा। वह पैदल चलकर ही पंजाब की तरफ गए। दूसरी तरफ अम्बाला-शंभू और अम्बाला-चंडीगढ़-हिसार बाॅयपास राेड पर भी ट्रकाें की लम्बी लाइन लगी थी। ट्रक ड्राइवर शाम 4 बजने का इंतजार करते रहे।
एंबुलेंस काे निकलने की जगह दी, बाकी वाहन फंसे रहे
बाॅर्डर पर अम्बाला से पंजाब की तरफ जाते हुए शंभू मोर्चा ने जाम लगाया हुआ था। यहां एंबुलेंस काे छाेड़ किसी वाहन काे आगे नहीं जाने दिया गया। जब एक एंबुलेंस गुजर रही थी तब कुछ वाहन उसके पीछे ही निकल रहे थे, तभी प्रदर्शन कर रहे लाेगाें ने उन्हें राेक लिया। हाईवे पर लंगर भी लगाया गया था। सड़क के बीच में बैठकर लाेग लंगर खाते दिखे।
गांव के रास्ताें से हाेकर छाेटे वाहनाें काे जाना पड़ा, ट्रक व बसें नहीं जा सकीं। जाे यात्री बस या ऑटाे से जा रहे थे, उनमें से कई यात्री ताे पैदल ही बाॅर्डर पार करते दिखे। ज्यादातर बसें वापस चली गईं। बड़े ट्रकाें की भी हाईवे पर लंबी लाइन लग गई। टाेल टैक्स भी सूना पड़ा रहा। कृषि कानूनाें के विराेध में कई बार राेड जाम हाे चुका है। पंजाब की तरफ दाे संगठन टेंट लगाकर धरने पर बैठे हुए हैं। यहां लगातार धरना चल रहा है।
[ad_2]
Source link

