एक ऐसा दानवीर जो मदद करने के लिए चेहरे नहीं देखता. न कोई जान-पहचान न ही कोई मतलब, बस सामने वाली जरूरत दिखी और न्योछावर कर दिए लाखों रुपये. हम बात कर रहे हैं आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (DFC First Bank) के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ वी वैद्यनाथन की. वे अक्सर अपने हिस्से के शेयरों को समय-समय पर जरूरतमंदों को ट्रांसफर कर देते हैं.
वैद्यनाथन ने हाल में ही 5.5 करोड़ रुपये मूल्य के करीब 7 लाख शेयरों को जरूरतमंदों के बीच बांट दिया. यह पैसे उन्होंने 5 लोगों के बीच बांटा है. यह पैसे किसी को इलाज के लिए दिए हैं, तो किसी को मकान खरीदने में मदद की है. एक बुजुर्ग को तो इसलिए पैसे बांट दिए है कि उनका बुढ़ापा आराम से कटे.
किसको कितना पैसा दिया
बीएसई को दी गई जानकारी में उन्होंने बतया कि 50 हजार शेयर समीर म्हात्रे को ट्रांसफर किए हैं, जबकि 75 हजार शेयरों को मयंक मृणाल घोष को बांट दिए. समीर को जहां मकान खरीदने के लिए पैसे दिए हैं, वहीं घोष को परिवार में किसी की मौत के बाद मदद के लिए शेयर ट्रांसफर कर दिए.
पाने वाले से कोई संबंध नहीं
बीएसई को दी गई जानकारी में यह भी बताया है कि वैद्यनाथन ने जिन लोगों को अपने शेयर ट्रांसफर किए हैं, उनमें से किसी के भी साथ उनका संबंध नहीं है. यह ट्रांसफर बिना किसी फायदे के किया गया है.
1000 रुपये के बदले दिए डेढ़ करोड़
इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार, वैद्यनाथन ने संपत कुमार नाम के बुजुर्ग को 2.5 लाख शेयर ट्रांसफर कर दिए. यह पैसे उन्होंने परिवार के एक सीनियर सिटीजन के इलाज की खातिर दिए हैं. मजे की बात ये है कि संपत ने कभी उन्हें 1,000 रुपये उधार दिए थे, जिसके बाद आज 1.5 करोड़ से ज्यादा की रकम ट्रांसफर कर दी.
घर खरीदने के लिए 2 करोड़
अनूठे अंदाज में दान करने वाले वैद्यनाथन ने मिस्टर ए कनोजिया नामक व्यक्ति को 2.75 लाख शेयर सिर्फ इसलिए ट्रांसफर कर दिए कि उन्हें मकान खरीदना था. इन शेयरों की कीमत करीब 2 करोड़ रुपये है. इसके अलावा संजय सहाय को भी 50 हजार शेयर ट्रांसफर किए हैं. वैद्यनाथन अब तक अपने जान-पहचान वालों और दोस्तों को 80 करोड़ रुपये के शेयर इसी तरह दान कर चुके हैं.
ड्राइवर-मेड और ट्रेनर को बांटे पैसे
वैद्यनाथन साल 2018 के बाद से ही दान करने के लिए फेमस हो रहे हैं. फरवरी, 2022 में उन्होंने 3.95 करोड़ रुपये मूल्य के 9 लाख शेयर अपने ड्राइवर, नौकर, ट्रेनर व अन्य घर में काम करने वालों को बांट दिए थे. पढ़ाई के दौरान उनके टीचर ने 500 रुपये की मदद की थी, बदले में उन्होंने अपने इस शिक्षक को लाखों रुपये के शेयर ट्रांसफर कर दिए.


