जबसे देश में बुलेट ट्रेन (Bullet Trains) चलाने की घोषणा हुई है, हर आदमी पलकें बिछाए इसका इंतजार कर रहा है. बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर एक और बड़ा अपडेट आया है. रेलवे ने अहमदाबाद से मुंबई के बीच बन रहे बुलेट ट्रेन की राह में खास मशीनों को तैनात करना शुरू कर दिया है. ये मशीनें हवा का रुख नाम रही हैं और इसी के आधार पर तय होगा कि इस हाई स्पीड ट्रेन को आखिर कितनी रफ्तार में चलाया जा सकता है.
दरअसल, पिछले दिनों रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि साल 2026 में हम बुलेट ट्रेन को दौड़ा देंगे. इसके ट्रैक पर बहुत तेजी से काम चल रहा है. इसी कड़ी में नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन (National High Speed Rail Corp) ने बुलेट ट्रेन की राह में एडवांस्ड विंड स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित करना शुरू कर दिया है. इसका मकसद मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन रूट (Mumbai-Ahmedabad Bullet Train Route) पर हवा की गति को परखना है.
…तो घट जाएगी ट्रेन की स्पीड
इस मशीन की जरूरत आपको इसी बात से समझ आ जाएगी कि यह मशीन हवा की स्पीड को परखती है और अगर हवा की गति 72 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रेंज में रहती है तो बुलेट ट्रेन की स्पीड भी कम हो जाएगी. यानी इस तूफानी ट्रेन की स्पीड इसी मशीन के बताए रेंज के हिसाब से तय की जाएगी.
इसी से तय होगी ट्रेन की सुरक्षा
रेलवे ने मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर सुरक्षा उपकरणों को स्थापित किया जा रहा है. यह कॉरिडोर की तरफ चलने वाली हवाओं का रुख और स्पीड मापेगा. इसके लिए कॉरपोरेशन ने 508 किलोमीटर के कॉरिडोर पर 14 जगहों पर ऐसी मशीनें लगाने का प्लान तैयार किया गया है.
घने पेड़ों से गुजरेगा ट्रैक तब…
एक्सपर्ट का कहना है कि बुलेट ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद रूट पर घने पेड़ों और हरियाली के बीच से गुजरेगी, जहां हवा का दबाव ज्यादा हो सकता है. ऐसे में ट्रेन की स्पीड के साथ-साथ सुरक्षा के लिए भी यह जोखिम पैदा कर सकता है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने हवा माफी यंत्र यानी एनिमोमीटर लगाए जा रहे हैं और कुल 14 उपकरण लगाएं जाएंगे.


