इस दिन है पहला शनि प्रदोष व्रत, संतानहीन माएं जरुर करें

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इस साल का पहला शनि प्रदोष व्रत चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को पड़ेगी. जो प्रदोष व्रत शनिवार के दिन होता है, उसे शनि प्रदोष व्रत कहते हैं. जो लोग संतानहीन हैं, उनको शनि प्रदोष व्रत जरूर करना चाहिए. इस व्रत को रखकर विधिपूर्वक शिव जी की पूजा करने से पुत्र की प्राप्ति होती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शनि प्रदोष व्रत और शिव पूजा से पुत्र रत्न प्राप्त होता है, जिससे वंश की वृद्धि होती है. केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र से जानते हैं कि शनि प्रदोष व्रत कब है? पूजा मुहूर्त और शुभ योग क्या है?

कब है शनि प्रदोष व्रत 2024?
वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 6 अप्रैल शनिवार को सुबह 10 बजकर 19 मिनट से प्रारंभ होगी. इस तिथि का समापन 7 अप्रैल दिन रविवार को प्रात: 06 बजकर 53 मिनट पर होगा. ऐसे में शनि प्रदोष व्रत 6 अप्रैल को रखा जाएगा क्यों​कि उस दिन ही प्रदोष काल में शिव पूजा का मुहूर्त प्राप्त हो रहा है.

शनि प्रदोष व्रत 2024 मुहूर्त
6 अप्रैल को जो लोग शनि प्रदोष व्रत रखेंगे, उस दिन शिव पूजा का मुहूर्त शाम 06 बजकर 42 मिनट से रात 08 बजकर 58 मिनट तक है. इस समय में ही शिव पूजा करनी चाहिए.

2 शुभ योग में है शनि प्रदोष व्रत
साल का पहला शनि प्रदोष व्रत ध्रुव और द्विपुष्कर योग में है. ध्रुव योग 6 अप्रैल को प्रात:काल से लेकर रात 10 बजकर 18 मिनट तक है, उसके बाद से व्याघात योग है. वहीं द्विपुष्कर योग दोपहर 02 बजकर 55 मिनट से अगले दिन 7 मार्च को प्रात: 06 बजकर 17 मिनट तक है.

उस दिन हस्त नक्षत्र सुबह से लेकर दोपहर 01 बजकर 34 मिनट तक है. उसके बाद चित्रा नक्षत्र है. शनि प्रदोष व्रत की पूजा हस्त नक्षत्र, द्विपुष्कर और ध्रुव योग में होगी.

द्विपुष्कर योग में आप जो भी शुभ कार्य करेंगे, उसका दोगुना फल आपको प्राप्त होगा. शनि प्रदोष के दिन द्विपुष्कर योग में शिव पूजा करने से आपको दोगुना पुण्य लाभ प्राप्त होगा.

 

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