हम जिस फिल्म की बात कर रहे हैं, उसकी कहानी से राजनीति गरमा गई थी और पार्टी-विशेष के नेताओं की नींद उड़ गई थी. फिल्म में दिखाया गया है कि पति से अलग हो चुकी एक पॉलिटिशियन इलेक्शन कैंपने के दौरान उस होटल में ठहरती है, जिसका मालिक उसका पूर्व पति है. फिल्म आपातकाल से चंद महीने पहले 14 फरवरी 1975 को रिलीज हुई थी, जिसकी कहानी दिग्गज साहित्यकार कमलेश्वर ने लिखी थी. पार्टी-विशेष के लोग आज भी फिल्म पर बात करने से कतराते हैं. (फोटो साभार: IMDb)

गुलजार के निर्देशन में बनी फिल्म ‘आंधी’ पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनकी पार्टी की इमेज खराब करने का आरोप लगा था. फिल्म को लेकर अफवाहें थीं कि यह इंदिरा गांधी और उनके पूर्व पति के साथ रिश्ते पर बनी है, लेकिन सच्चाई सिर्फ इतनी है कि सुचित्रा सेन के किरदार आरती देवी का लुक ही इंदिरा गांधी से प्रेरित है. कहते हैं कि तब चुनाव-प्रचार के दौरान कुछ राजनेताओं ने आरती देवी के स्मोकिंग और ड्रिकिंग के कुछ सीन दिखाकर पूर्व-पीएम की इमेज खराब करने की कोशिश की थी. इलेक्शन कमीशन ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया था. (फोटो साभार: IMDb)

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जब सत्ता में थीं, तब फिल्म सही तरीके से रिलीज नहीं हो पाई. फिल्म की रिलीज को कुछ महीने ही हुए थे कि देशभर में इमरजेंसी लग गई. फिल्म पर बैन कायम रहा और यह देशभर में चर्चा का विषय बन गई. विकीपीडिया के अनुसार, 1977 के आम चुनाव में कांग्रेस पार्टी को हराकर जब जनता पार्टी सत्ता में आई, तो फिल्म टीवी पर दिखाई गई. (फोटो साभार: IMDb)

फिल्म ‘आंधी’ में सुचित्रा सेन और संजीव कुमार ने लीड रोल निभाया था. फिल्म में संजीव कुमार ने जेके नाम के होटल मैनेजर का रोल निभाया था, जिसने एक दिन नशे में डूबी राजनेता की बेटी आरती देवी को मुसीबत से बचाया था. आरती और जेके एक-दूजे के प्यार में पड़ जाते हैं और दोनों एक छोटी सी सेरेमनी में शादी कर लेते हैं.

फिल्म में आगे दिखाया गया है कि कपल की शादी के कुछ साल बाद, उनके बीच विवाद पैदा हो जाता है. वे अलग हो जाते हैं. आरती और जेके सालों बाद मिलते हैं. आरती एक विख्यात पॉलिटिशयन बन चुकी हैं. दोनों अलग होने के बावजूद एक-दूसरे की ओर आकर्षित होते हैं, लेकिन करियर और इमेज खराब होने के डर से सहमे हुए हैं.

सुचित्रा सेन के करियर की अहम फिल्म ‘आंधी’ उनकी आखिरी हिंदी मूवी साबित हुई. एक्ट्रेस ने 1978 में फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली थी. वे आरती देवी के रोल के लिए बेस्ट एक्ट्रेस के फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट हुई थीं, पर इसे जीत नहीं पाई थीं. जबकि, संजीव कुमार ने बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड जीता था. फिल्म के गाने आज भी बहुत लोकप्रिय हैं, जिन्हें लता मंगेशकर, किशोर कुमार और मोहम्मद रफी ने गाया था. ‘तेरे बिना जिंदगी से कोई’ और ‘तुम आ गए हो नूर आ गया है’ फिल्म के काफी लोकप्रिय गाने हैं. (फोटो साभार: YouTube@Videograb


