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अमृतसरएक घंटा पहले
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प्रतीकात्मक फोटो
कोरोना महामारी की संभावित दूसरी लहर के दौर में मरीजों के इलाज और बचाव के अन्य पहलुओं तथा प्रबंधों का जायजा लेने के लिए पीजीआई चंडीगढ़ से डॉक्टरों की तीन मेंबरी कमेटी अस्पताल में पहुंची।
टीम में डॉ. विकास सूरी, डॉ. कमल काजल और डॉ. इंदरपाल सिंह शामिल थे, जबकि अस्पताल की तरफ से गठित टीम के मेंबरों माइक्रो बॉयोलाजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. केडी सिंह, एनेस्थीसिया विभाग की प्रोफेसर डॉ. रंजना, मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अवतार सिंह धंजू, डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. नरिंदर सिंह और ईएनटी विभाग के अरविंदर सिंह मान ने सारी जानकारी मुहैया करवाई।
खास बात तो यह रही कि टीम ने कॉलेज और अस्पताल का निरीक्षण तो किया, लेकिन कमियों और खूबियों के बारे में अस्पताल प्रबंधन से बैठक नहीं की। माना जा रहा है कि चंडीगढ़ जाने के बाद इस बाबत रिपोर्ट जारी होगी।
हालांकि इस संदर्भ में कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजीव देवगन और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. जेपी अत्री का कहना है कि महामारी के इलाज को लेकर प्रबंध काफी पुख्ता हैं और इसका सुबूत करीब 9 महीने तक चले कोरोना काल साबित भी हो चुका है।
उक्त लोगों का कहना है कि फिर भी अगर चंडीगढ़ की रिपोर्ट में कोई जरूरत महसूस हुई तो उसे पहल के आधार पर पूरा किया जाएगा।
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