Surendra Pal : बॉलीवुड के महान निर्माता और निर्देशकों में बलदेव राज चोपड़ा यानी बीआर चोपड़ा का नाम शामिल है. उन्होंने ने सिर्फ हिंदी सिनेमा के लिए काम किया, बल्कि टीवी शो ‘महाभारत’ से भी खूब सुर्खियां लूटी थी. ‘महाभारत’ उन्होंने इतिहास रचा. साल 2008 में वो दुनिया को अलविदा कह गए, लेकिन महाभारत के हर किरदार को उन्होंने अपने डायरेक्शन से अमर किया था. शो में नितीश भरद्वाज ने ‘श्री कृष्णा’ का किरदार निभाया था. वहीं, रूपा गांगुली को ‘द्रौपदी’ किरदार में देखा गया. ‘शक्तिमान’ बन घर-घर में फेमस हुए मुकेश खन्ना ने ‘भीष्म’ का किरदार निभाया था.
बीआर चोपड़ा ने ‘महाभारत’ को प्रोड्यूस किया था. वहीं, बेटे रवि चोपड़ा ने इसका डायरेक्ट किया था. 1988 में ये रिलीज हुआ था. क्या आप जानते हैं कि ‘महाभारत’ शो के लिए जब कास्टिंग हो रही थी, तब एक युवा एक्टर को ऐसा किरदार के लिए अप्रोच किया गया, जिसमें उन्हें अपनी उम्र से काफी बड़ा दिखाया जाना था. अपने किरदार को सुनने के बाद उन्होंने साफ मना किया. जब ये बाद बीआर चोपड़ा को पता चला तो उन्होंने उस एक्टर कि ऐसी डांट लगाई कि वो रो दिए.
कैसे सुरेंद्र पाल बने ‘द्रोणाचार्य’
ये किस्सा है शो में नजर आए ‘द्रोणाचार्य’ का. शो में ये किरदार सुरेंद्र पाल ने निभाया था. हालांकि, वो इस किरदार को नहीं निभाना चाहते थे. इसके पीछे की कहानी काफी रोचक हैं, जिसको उन्होंने ‘राजश्री अनप्लग्ड’ को दिए एक इंटरव्यू में शेयर किया था.
ये शो 1988 में ये रिलीज हुआ था.
‘मैं इस बुड्ढे का रोल नहीं निभा सकता’
एक्टर ने बयां कि ‘गुफी पेंटल ने मुझे फोन किया और कहा कि उनसे पास मेरे लिए रोल है. दूसरे दिन मैं गया तो उन्होंने कहा कि कास्टिंग तो हो चुकी है. लेकिन महाभारत में द्रोणाचार्य का रोल है. अब इस रोल को सुनकर मैं निराश हो गया. मैं ऐसा था, ‘बुड्ढे का रोल मुझे दिया जा रहा है. मैं हीरो बनने आया हूं. मैं सुंदर हूं. मुझे लगा मेरा करियर शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाएगा. मैंने उनसे कहा कि मैं इस बुड्ढे का रोल नहीं निभा सकता और ये कहकर मैं वहां से चला गया.’
जब बीआर चोपड़ा ने देखते ही कहा- ‘मुझे मेरा द्रोणाचार्य मिल गया’
मैं जैसे ही दफ्तर से बाहर निकला, तो दौड़ता हुए एक शख्स पहुंचा और बोला- चलिए…बीआर चोपड़ा ने ऑफिस में बुलाया है. डायरेक्टर ने जैसे ही उन्हें देखा तो कहा, ‘मुझे मेरा द्रोणाचार्य मिल गया.’ एक्टर ने बताया, ‘उन्होंने जो बातें कहीं, वो मुझे पसंद आ गईं. लेकिन उसके पहले उनको मैंने कहा कि सर मैं आपसे कुछ कहना चाहता हूं. मैं बूढ़े आदमी का किरदार नहीं निभा सकता.’
जब गुस्से से लाल हुए बीआर चोपड़ा
ये बातें सुनकर बीआर चोपड़ा आग बबूला हो गए. गुस्से में बीआर चोपड़ा पलटे और बोले क्या कहा तुमने? द्रोणाचार्य एक बूढ़े व्यक्ति थे? वह एक सेना के सेनापति थे. वह 10 अर्जुन और 10 दुर्योधन बना सकते थे. कुल मिलाकर वह बहुत देर तक मुझ पर चिल्लाते रहे और अंत में मैं वहीं पर रोने लगा और उनसे कहा मैं अब आपको न नहीं करूंगा.


