Sukanya Samriddhi Yojana: सुकन्या समृद्धि योजना Sukanya Samriddhi Yojana (SSY) को खासतौर से बच्चियों के लिए शुरू किया गया है. साल 2015 में शुरू हुई इस योजना के तहत सालाना 1.5 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं. इसमें मिनिमम लिमिट 250 रुपये से शुरू होती है. यह निवेश टैक्स फ्री भी रहता है और इस पर मिला ब्याज भी टैक्स फ्री रहता है. बेटी के 21 साल होने पर योजना मेच्योर होगी. इस पर अभी 8 फीसदी का ब्याज मिल रहा है.

पब्लिक प्रोविडेंट फंड Public Provident Fund (PPF) भी आपकी बेटी को आर्थिक सुरक्षा और आजादी दे सकता है. इसमें मिनिमम 500 रुपये से लेकर अधिकतम 1.5 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है. इस योजना की मेच्योरिटी 15 साल है और अभी 7.1 फीसदी का ब्याज मिल रहा है. पीपीएफ की सबसे खास बात ये है कि निवेशकों को कंपाउंड इंट्रेस्ट का लाभ मिलता है, जिससे छोटे निवेश पर भी बड़ा अमाउंट तैयार हो जाता है. इस पर टैक्स छूट भी मिलती है.

पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट Post Office Recurring Deposit (PORD) भी एक छोटी बचत योजना है. इसमें हर महीने 100 रुपये निवेश से शुरुआत की जा सकती है. 5 साल की रिकरिंग पर अभी 5.8 फीसदी का ब्याज मिल रहा है, जिस पर हर तिमाही कंपाउंड इंट्रेस्ट दिया जाता है. इस पर कोई जोखिम नहीं होता और निवेश पर टैक्स छूट भी मिलती है.

चिल्ड्रेन गिफ्ट म्यूचुअल फंड (Children Gift Mutual Fund) आपकी बेटी के लिए सबसे शानदार उपहार साबित हो सकता है. इसमें 18 साल का लॉकिंग पीरियड होता है और ब्याज भी सरकारी योजनाओं से कहीं ज्यादा मिल जाता है. लिहाजा इसमें लगाया पैसा जल्दी बड़ा कॉर्पस बन जाता है. ये 2 तरह के होते हैं. हाइब्रिड इक्विटी और हाइब्रिड डेट फंड. अगर फंड में 60 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी इक्विटी की है तो उसे हाइब्रिड इक्विटी ओरिएंटेड फंड कहेंगे और कम है तो डेट ओरिएंटेड फंड कहा जाएगा.

सोना अथवा गोल्ड ईटीएफ Gold ETFs में निवेश भी भविष्य को सुरक्षित बना सकता है. बीते कई साल से सोने का औसत रिटर्न 10 फीसदी के आसपास रहा है. इस लिहाज से आप बेटी के लिए सोने में या गोल्ड ईटीएफ में निवेश करते हैं तो भविष्य में उसके पास मोटा फंड एकत्र हो जाएगा.

जीवन बीमा का उपहार भी आपकी बेटी को दोहरी सुरक्षा दिला सकता है. किसी आपात स्थिति में वह इस पॉलिसी का फायदा उठा सकती है. इसके अलावा पॉलिसी की मेच्योरिटी पर उसे मोटा फंड मिल जाएगा. आगे न तो पढ़ाई की चिंता रहेगी और न ही बेटी की शादी की चिंता सताएगी.


