आयुर्वेदिक चिकित्सा में कई ऐसी दवाएं हैं, जिनका सही ढंग से प्रयोग किया जाए तो गंभीर से गंभीर बीमारी का इलाज किया जा सकता है. मरीजों को दी जाने वाली ‘कंकायन बटी’ दवा का आयुर्वेद में काफी महत्व है. क्योंकि इस दवा का नाम एक ऋषि के नाम पर रखा गया है. पेट से संबंधित कई बीमारियों में इसका इस्तेमाल किया जाता है.
फिरोजाबाद आयुष विंग अस्पताल की चिकित्सक डा. कविता महेश्वरी ने बताया कि इस औषधि को कंकायन ऋषि के नाम से जाना जाता है. जिन्होंने गुल्म और अर्श रोग के लिए इस बटी को तैयार किया था. जिसे अब अन्य रोगों के लिए हम इस्तेमाल कर रहे हैं. वहीं उन्होंने बताया कि यह दो तरह से तैयार होती है पहला गुल्म और दूसरा अर्श.
पाइल्स के लिए ये औषधि है रामबाण
पाइल्स में होने वाले मस्सों को सुखाने के लिए यह बेहद ही कारगर है. इसे पुष्कर मूल, चित्रक मूल, अजवाइन, जीरा, हींग, हरण के साथ ही मिर्च, पीपल आदि से तैयार किया जाता है. यह कब्ज और भूख बढ़ाने में भी कारगर होती है. वही अन्य रोगों में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. जैसे पाचन शक्ति को मजबूत करने, हृदय रोग आदि में इसका प्रयोग किया जाता है.
आयुर्वेदिक दुकानों पर आसानी से मिलती है ये औषधि
आयुर्वेदिक चिकित्सक ने कहा कि कंकायन बटी नाम की यह औषधि बाजार में औषधि की दुकानों पर आसानी से मिल जाती है. इसे आप रोजाना दो से लेकर चार गोली के रूप में प्रयोग कर सकते हैं. अगर पेट में कब्ज़ की समस्या बार-बार हो रही है, तो छाछ के साथ इसका सेवन करें. इससे पेट को काफी राहत मिलेगी. वहीं यह औषधि पेट से संबंधित सभी विकारों को दूर करती है.
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