हादसा उस समय हुआ,जब प्रार्थना करने के बाद श्रद्धालु लौट रहे थे और केबल में खराबी आ गई
छत्तीसगढ़ के मंदिर में रोपवे टूटने से महिला श्रद्धालु की मौत, सीएम विष्णु देव साय ने दिया जांच का आदेश ropeway accident temple रायपुर/महासमुंद, 22 मार्च (TNT)। छत्तीसगढ़ के खल्लारी माता मंदिर में रोपवे ट्रॉली अचानक टूटकर जमीन पर गिर गई, जिससे एक महिला श्रद्धालु की मौत हो गई और 16 अन्य श्रद्धालु घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ, जब प्रार्थना करने के बाद श्रद्धालु लौट रहे थे और केबल में खराबी आ गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर गहरा दुख जताया है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा
ropeway accident temple उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और उन्हें इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “महासमुंद जिले के खल्लारी माता मंदिर में हुई रोप-वे दुर्घटना की सूचना अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है। दुर्घटना में एक श्रद्धालु के निधन के समाचार से मन व्यथित है। मेरी गहरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।
ropeway accident temple ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं परिजनों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।” उन्होंने लिखा कि दुर्घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों को घायलों के बेहतर उपचार के लिए आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। इस घटना की विस्तृत जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। खल्लारी माता से प्रार्थना है कि इस दुर्घटना में घायल सभी श्रद्धालुओं को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।
ropeway accident temple चट्टान से ट्रॉली के टकराने से श्रद्धालुओं को गंभीर चोटें आईं, जिनमें से चार गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को विशेष उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया, जबकि अन्य को बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यात्रा के दौरान ट्रॉली का नियंत्रण खो जाने और नीचे चट्टानी ढलान पर गिरने के कारण दहशत और अफरातफरी का माहौल हो गया था।
ropeway accident temple मंदिर परिसर में चीख-पुकार मच गई, क्योंकि श्रद्धालु घायलों की मदद के लिए दौड़ पड़े थे। पुलिस ने अभी तक महिला की पहचान नहीं की है। पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया था और निजी वाहनों से पीड़ितों को अस्पतालों तक पहुंचाया। घायलों में बच्चे और बुजुर्ग लोग शामिल थे। इस दुर्घटना में श्रद्धालुओं की अधिकता थी, जिससे प्रशासन को परेशानी का सामना करना पड़ा। —आईएएनएस एसएके/वीसी


