नौकरी हो या बिजनेस, महिलाएं हर जगह खुद को साबित कर रही हैं. अब तो लड़कियां उद्यमिता के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं. हम आपको एक ऐसी बिजनेस वुमेन के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने बहुत ही कम उम्र में पारिवारिक बिजनेस की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली थी. जिस उम्र में लड़के-लड़कियां, पढ़ाई-लिखाई और मौज-मस्ती करते हैं उस समय यह लड़की बिजनेस को संभालने लगी. सफलता की ये कहानी नादिया चौहान की है, जिन्होंने अपने फैमिली बिजनेस को 8500 करोड़ रुपये के रसूख के साथ बुलंदियों पर पहुंचा दिया.
पारले एग्रो, भारतीय कंपनी है जो खाद्य और पेय पदार्थ करती है, जो फ्रूटी जैसे लोकप्रिय ड्रिंक का निर्माण करती है. इस कंपनी की स्थापना 1985 में प्रकाश चौहान ने की थी. साल 2003 में नादिया चौहान ने महज 17 साल की उम्र में कंपनी का काम संभाला.
तेजी से बढ़ाया पापा का कारोबार
जिस वक्त नादिया चौहान कंपनी में शामिल हुईं उस समय कंपनी का रेवेन्यू महज 300 करोड़ रुपये था. अपनी रिसर्च में नादिया ने पाया कि कंपनी के पास कमाई का सिर्फ एक ही जरिया उसकी लोकप्रिय ड्रिंक फ्रूटी थी. इसके बाद नादिया ने नए प्रोडक्ट लॉन्च करने की योजना बनाई. 2005 में पार्ले एग्रो ने Appy Fizz ड्रिंक लॉन्च की. नादिया की यह सोच रंग लाई और यह ड्रिंक बहुत फेमस हुआ.
इसके बाद नादिया ने नए प्रोडक्ट्स की रेंज पेश की. उन्होंने भारत का पहला पैकेज्ड निम्बू पानी भी लॉन्च किया. 2015 में ब्रांड एंबेसडर के रूप में शाहरुख खान के साथ फ्रूटी को फिर से लॉन्च किया. कई सफल प्रोडक्ट्स की लॉन्चिंग के बाद कंपनी का पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर का कारोबार 1000 करोड़ रुपये का हो गया.
देखा 30,000 करोड़ का सपना
लगातार मिली कामयाबी के बाद अब नादिया का लक्ष्य 2030 तक कंपनी को 10,000 करोड़ रुपये का ब्रांड बनाना है. इतना ही नहीं नादिया भविष्य में अपनी कंपनी का सालाना रेवेन्यू 30,000 करोड़ रुपये तक देखना चाहती हैं. इसके अलावा, पारले के डिस्ट्रीब्यूशन को दोगुना कर 4 मिलियन आउटलेट्स तक पहुंचाना है.
फिलहाल, नादिया चौहान पारले एग्रो की चीफ मार्केटिंग ऑफिसर और ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर हैं. नादिया कंपनी में स्ट्रैटेजी, सेल्स, मार्केटिंग और रिसर्च व डेवलपमेंट का काम देखती हैं. नादिया ने कंपनी के ट्रांसफॉर्मेशन में बड़ी भूमिका निभाई है.


