एक जिला एक उत्पाद में हिसार जिला दूध व डेयरी उत्पादों के लिए सुप्रसिद्ध, रोजगार की अपार संभावनाएं : प्रो.चेतन चित्तालकर

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एक जिला एक उत्पाद में हिसार जिला दूध व डेयरी उत्पादों के लिए सुप्रसिद्ध, रोजगार की अपार संभावनाएं : प्रो.चेतन चित्तालकर

गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस तथा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद के संयुक्त तत्वाधान में ‘एक जिला एक उत्पाद’ विषय पर एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद के निदेशक प्रो.चेतन चित्तालकर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए कार्यशाला के प्रतिभगियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाए उद्यमिता को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम आम जन को व्यवसाय के नये मंच प्रदान करते हैं।  प्रो. चेतन चित्तालकर ने प्रतिभागियों को एक जिला एक उत्पाद की जानकारी प्रदान की और कहा की इस योजना के तहत जिले में अधिक उत्पादित होने वाले उत्पाद का चयन करके उस के रखरखाव से लेकर उसके विपणन की योजना तैयार की जाती है।
कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज व कुलसचिव प्रो. अवनीश वर्मा ने अपने संदेश में सम्पूर्ण टीम-एचएसबी को बधाई दी है। कार्यशाला की अध्यक्षता एचएसबी की अधिष्ठात्री प्रो. शबनम सक्सेना ने की।
कार्यशाला के सूत्रधार डॉ. रणबीर बत्तान ने कहा महात्मा गांधी नेशनल काउंसिल ऑफ रूरल एजुकेशन विश्वविद्यालय के प्रबंधन विभाग के साथ साझा करार पत्र करने की इच्छुक है, जिससे यहां के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके।
हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस के निदेशक प्रो. कर्मपाल नरवाल ने बताया कि भारत सरकार द्वारा चलाई गई यह मुहिम किस प्रकार आमजन के लिए फायदेमंद है। उन्होंने बताया कि हिसार जिला दूध व डेयरी उत्पादों के लिए न केवल समस्त भारत में बल्कि समस्त विश्व में प्रसिद्ध है।  इस कार्यशाला के माध्यम से बच्चों को बताया गया कि सरकार आमजन को इस मुहिम के तहत वित्तीय मदद के साथ-साथ व्यापार के माध्यम भी प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि विभाग भविष्य में भी ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन करके अपने विद्यार्थियों को रोजगारपरक करने की नियमित कोशिश करेगा।
कार्यशाला का आयोजन एचएसबी के प्रो. दलबीर सिंह की देखरेख में विभाग की एंटरप्रेन्योरशिप डिवेल्पमेंट सेल द्वारा किया गया। इस कार्यशाला में शिक्षकों व शोधार्थियों समेत 150 से अधिक प्रतिभागियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की।

 

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