नई पेंशन स्कीम (NPS) को सरकार और ज्यादा आकर्षक बनाने पर पूरा जोर दे रही है. बजट 2024 में एनपीएस को लेकर कई घोषणाएं की जा सकती हैं. माना जा रहा है कि इसमें प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के साथ वरिष्ठ नागरिकों को भी छूट के प्रावधान किए जा सकते हैं. पेंशन फंड नियामक ने भी सरकार से एनपीएस में कुछ बदलाव की सिफारिश की है.
बजट से पहले बाजार एक्सपर्ट कयास लगा रहे हैं कि इस बार सरकार 75 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए योगदान और निकासी पर टैक्स छूट बढ़ाकर राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) को और आकर्षक बना सकती है. पेंशन फंड नियामक पीएफआरडीए ने भी सरकार से सिफारिश की है कि एनपीएस योगदान पर टैक्स छूट भी बढ़ाकर 12 फीसदी कर दी जाए, जो अभी 10 फीसदी है.
प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को लाभ
पीएफआरडीए की सिफारिश का फायदा प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को मिलेगा. अगर सरकार ने एनपीएस में बदलाव की सिफारिश मंजूर कर ली तो नई पेंशन स्कीम का चुनाव करने वाले कर्मचारियों और नियोक्ताओं को भी 10 की जगह 12 फीसदी टैक्स छूट का लाभ मिलेगा. अभी पीएफ खाते में नियोक्ता और कर्मचारी का 12-12 फीसदी अंशदान होता है. इस पर टैक्स छूट भी मिलती है. वहीं, एनपीएस में निजी सेक्टर को 10 फीसदी अंशदान पर ही टैक्स छूट दी जाती है. पीएफआरडीए ने कहा है कि यहां भी टैक्स छूट 12 फीसदी कर दी जानी चाहिए.
नए रिजीम में 50 हजार की छूट
सरकार से मांग की जा रही है कि एनपीएस में अतिरिक्त योगदान पर छूट को नए टैक्स रिजीम में भी शामिल किया जाना चाहिए. अभी पुराने टैक्स रिजीम में इनकम टैक्स की धारा 80सीसीडी (1बी) के तहत 50 हजार की अतिरिक्त छूट दी जा रही है. मांग है कि एनपीएस के टीयर-1 खाते पर मिलने वाली इस छूट को नए टैक्स रिजीम में भी शामिल किया जाना चाहिए.
बुजुर्गों को ब्याज पर मिल सकती है छूट
फाइनेंशियल एडवाइस और ऑडिट करने वाली ग्लोबल फर्म डेलॉय के अनुसार, 75 साल से ज्यादा उम्र के निवेशकों को एनपीएस से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स छूट दी जा सकती है. ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को आयकर रिटर्न दाखिल करने से भी छूट दिए जाने की मांग की है. एनपीएस के ब्याज को पेंशन के साथ शामिल करने की भी सिफारिश है.


