पिछले काफी दिनों से दबाव में चल रहे पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड के शेयर (Paytm) शुक्रवार को तेजी लिए नजर आए. सुबह बाजार खुलने के कुछ ही देर बाद पेटीएम का शेयर 5.00 फीसदी या 17.65 के अपर सर्किट के साथ 370.70 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने वन97 कम्युनिकेशंस को यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) प्रणाली पर थर्ड पार्टी ऐप्लिकेशन प्रोवाइडर (TPAP) के तौर पर काम करने की गुरुवार को मंजूरी दी थी. इस मंजूरी की बदौलत ही पेटीएम के शेयर में आज जोरदार तेजी आई.
पिछले पांच कारोबारी सत्रों में पेटीएम का शेयर 8 फीसदी से ज्यादा गिरा. वहीं, पिछले छह महीनों में इस शेयर में 56 फीसदी की गिरावट आई है. भारतीय रिजर्व बैंक के पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर 31 जनवरी को प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से ही पेटीएम का शेयर लगातार गिर रहा था.
पेटीएम की यूपीआई सेवाएं रहेंगी जारी
पेटीएम पेमेंट्स बैंक (Paytm Payments Bank) पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की बंदिशें लागू होने से एक दिन पहले वन97 को एनपीसीआई से टीपीएपी की तरह काम करने की इजाजत इजाजत मिलना कंपनी के लिए संजीवनी से कम नहीं है. इस मंजूरी का सीधा मतलब है कि पेटीएम के यूजर पहले की ही तरह ऐप पर यूपीआई के जरिये लेनदेन जारी रख सकते हैं. पेटीएम ने अपने यूपीआई बिजनेस के लिए चार बैंकों एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड और यस बैंक के साथ साझेदारी की है.
आज से बंद हो जाएगी बैंक की सर्विस
बता दें कि आज यानी 15 मार्च से पहले पेटीएम के पास वॉलेट सर्विस भी थी, जिसपर आरबीआई ने बैन लगा दिया है. आज के बाद से पेटीएम पेमेंट्स बैंक की सर्विस काम करना बंद कर देगी.
बता दें कि एनपीसीआई द्वारा पेटीएम की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस को इसकी मंजूरी दी गई है. इसे चार प्रमुख बैंकों के साथ साझेदारी में मल्टी-बैंक मॉडल के तहत डिजिटल पेमेंट सर्विस प्रदान करने की अनुमति मिली है, जिसमें एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और यस बैंक इसके पार्टनर बैंक होंगे.
कोई एक बैंक चुन सकेंगे यूजर्स
जब हम यूपीआई सेवा के लिए अपना यूपीआई आईडी जनरेट करते हैं तो @ के बाद उस बैंक का नाम आता है, जिसकी सेवा हम लेते हैं. पेटीएम यूपीआई यूज करने वाले ग्राहकों का हैंडल @paytm के नाम से था. अब वह @yes में बदल जाएगा. यूजर्स के पास यूपीआई आईडी को पेटीएम के पार्टनर बैंकों यानी एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और यस बैंक में से किसी एक को इस्तेमाल करने की आजादी होगी.


