Normal Blood Sugar Level: डायबिटीज इस वक्त महामारी की तरह फैल रही है और दुनियाभर में करोड़ों की तादाद में लोग इसका शिकार हो चुके हैं. चिंता की बात यह है कि बड़ी संख्या में लोग प्री-डायबिटीज की चपेट में आ चुके हैं, लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं है. एक अनुमान की मानें तो भारत में करीब 10 करोड़ लोग डायबिटीज के मरीज बन चुके हैं, जबकि 15 करोड़ लोग प्री-डायबिटीज से जूझ रहे हैं. इनमें से तमाम लोगों को बीमारी का पता ही नहीं है. डॉक्टर की मानें तो घर पर ही ब्लड शुगर चेक कर यह पता लगाया जा सकता है कि आपका शुगर लेवल नॉर्मल है या उससे ज्यादा है. आमतौर पर लोगों का खाली पेट ब्लड शुगर 60mg/dL से 100 mg/dL के बीच होना चाहिए. खाना खाने के 2 घंटे बाद ब्लड शुगर लेवल 120 से 140 mg/dL के बीच हो, तो यह नॉर्मल माना जाता है.
ग्रेटर नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के एडिशनल डायरेक्टर डॉ. दिनेश कुमार त्यागी के मुताबिक डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है. इस बीमारी की चपेट में आने पर लोगों का ब्लड शुगर अनकंट्रोल हो जाता है और उसे कंट्रोल रखने के लिए दवाओं के साथ बैंलेस्ड डाइट, एक्सरसाइज और अच्छी लाइफस्टाइल अपनानी पड़ती है. डायबिटीज को इलाज के जरिए सिर्फ कंट्रोल किया जा सकता है और इसे हमेशा के लिए ठीक करना संभव नहीं होता है. ऐसे में सबसे जरूरी है कि लोग अपने ब्लड शुगर की मॉनिटरिंग करें और समय-समय पर चेकअप करवाएं. जिन लोगों को प्री-डायबिटीज होती है, वे इसे रिवर्स कर सकते हैं. हालांकि लोगों को ब्लड शुगर लेवल के बारे में बेसिक जानकारी रखनी चाहिए, ताकि घर पर भी इसकी मॉनिटरिंग की जा सके.
ब्लड शुगर की नॉर्मल रेंज क्या है?
डॉ. दिनेश कुमार त्यागी की मानें तो ब्लड शुगर खाली पेट और खाने के 2 घंटे बाद चेक किया जाता है. सभी उम्र के लोगों को ब्लड शुगर लगभग बराबर होता है. उम्र के हिसाब से इसमें बहुत बदलाव नहीं आता है. आमतौर पर लोगों का फास्टिंग ब्लड शुगर 60mg/dL से 100 mg/dL के बीच होना चाहिए. इसे सामान्य माना जाता है. खाने के 2 घंटे बाद ब्लड शुगर 120 से 140 mg/dL के बीच होना चाहिए. इसे नॉर्मल पोस्ट मील शुगर माना जाता है. अगर आपका शुगर लेवल इस रेंज में है, तो आप स्वस्थ हैं और डायबिटीज का खतरा नहीं है. इससे ज्यादा हो, तो डॉक्टर से मिलना चाहिए.
कितना ब्लड शुगर होता है प्री-डायबिटीज का संकेत?
एक्सपर्ट की मानें तो किसी व्यक्ति का फास्टिंग ब्लड शुगर 100-124 mg/dL के बीच हो और पोस्ट मील शुगर 140-160 mg/dL की रेंज में है, तो इसे प्री-डायबिटीज की कैटेगरी में रखा जाता है. इसका मतलब है कि व्यक्ति का ब्लड शुगर सामान्य से ज्यादा है, लेकिन डायबिटीज की बीमारी नहीं है. प्री-डायबिटीज को दवाओं और खान-पान से रिवर्स करके नॉर्मल किया जा सकता है. प्री-डायबिटीज के मरीज HbA1C टेस्ट करा सकते हैं. इस टेस्ट में पिछले 3 महीने का एवरेज ब्लड शुगर का पता चलता है. अगर HbA1C टेस्ट का रिजल्ट 5.7 से 6.4 के बीच आए, तो प्री-डायबिटीज कंफर्म मान सकते हैं.
डायबिटीज होने पर कितना होता है ब्लड शुगर?
डॉक्टर के अनुसार जब फास्टिंग शुगर 125 mg/dL से ज्यादा हो और खाने के 2 घंटे बाद शुगर 160 mg/dL या इससे ज्यादा हो जाए, तो यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है. ऐसी कंडीशन में आपको तुरंत डॉक्टर से मिलकर इलाज करवाना चाहिए. डायबिटीज कंफर्म करने के लिए डॉक्टर कुछ टेस्ट करा सकते हैं और उनके रिजल्ट के आधार पर डायबिटीज का स्पष्ट तौर पर पता लग जाएगा. डायबिटीज कंफर्म करने के लिए HbA1C टेस्ट कराया जाता है. इस टेस्ट का रिजल्ट 6.5 या इससे ऊपर आए, तो डायबिटीज कंफर्म होती है. ऐसे मरीजों को शुगर की दवा लेनी पड़ती है. 35 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को समय समय पर ब्लड शुगर चेक करवाना चाहिए.


