NMC ने मेडिकल की पढाई करने वालों के लिए खड़ी की मुश्किल, किया बड़ा बदलाव

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मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे उम्मीदवारों के लिए एक जरूरी सूचना है. नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने मेडिकल कॉलेजों के मूल्यांकन प्रक्रिया में एक बहुत बड़ा बदलाव लाने के लिए तैयार है, जिसका लक्ष्य पारदर्शिता बढ़ाना और मानवीय हस्तक्षेप को कम करना है. आधार एनेबल बायोमेट्रिक अटेंडेट सिस्टम (AEBAS) पोर्टल का लाभ उठाते हुए एनएमसी फिजिकल इंस्पेक्शन को समाप्त कर देगा, इसके बजाय डेटा सटीकता और औचक निरीक्षण पर भरोसा करेगा.

एनएमसी के सचिव डॉ. बी श्रीनिवास ने कहा कि डेटा इंटीग्रेटी और एक्सेस को वेरिफाई करने और फिजिकल बुनियादी ढांचे का आकलन करने के लिए अभी भी औचक निरीक्षण किए जाएंगे. AEBAS पोर्टल जो एक वर्ष से चालू है, मेडिकल छात्रों और फैकल्टी की उपस्थिति को ट्रैक करता है, जिसका उद्देश्य बेकार फैकल्टी के मुद्दे से निपटना है.

डॉ. श्रीनिवास ने कहा, “एईबीएएस डैशबोर्ड से डेटा का उपयोग करने से पारदर्शिता बढ़ेगी.” एनएमसी दो महीनों में 75 प्रतिशत उपस्थिति को मानक मानेगी. नई सिस्टम वास्तविक समय में डेटा पहुंच प्रदान करेगी. इसके अलावा, एनएमसी अनुपालन-संबंधी मुद्दों पर अपील करने के लिए कॉलेजों के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल पेश करेगा. डॉ. श्रीनिवास ने हैकिंग को रोकने के लिए पोर्टल की सुरक्षा मंजूरी पर जोर दिया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि कॉलेज अपनी सर्बर में डेटा जमा कर सकें.

एनएमसी के हालिया गाइडलाइंस के अनुसार पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सों के लिए आवश्यकताओं का न्यूनतम मानक-2023 (पीजीएमएसआर-2023),” का उद्देश्य बेकार फैकल्टी प्रथाओं से निपटना है. गाइडलाइंस फैकल्टी को कॉलेज के समय के दौरान निजी प्रैक्टिस में शामिल होने से रोकते हैं, जिससे छात्र सुपरवाइज के लिए उनकी उपस्थिति सुनिश्चित होती है. गाइडलाइंस मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में फैकल्टी के लिए न्यूनतम उपस्थिति प्रतिशत और विशिष्ट बिस्तर कवर दर को भी अनिवार्य करते हैं.

 

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