शादी के कार्ड का बहुत अधिक महत्व होता है. भारतीय शादी में लोगों को बुलाने के लिए खूबसूरत इनविटेशन कार्ड सभी के घर भिजवाए जाते हैं. फैशन के इस दौर में शादी के कार्ड का भी फैशन बदलता जा रहा है. लोग अब किसी भी रंग और डिजाइन का कार्ड बनवा लेते हैं. हालांकि, बहुत से लोगों को पता नहीं होता है कि शादी के कार्ड का शुभ रंग क्या है और सबसे पहला कार्ड किसे दिया जाता है. इस बारे में News18 को शूकर क्षेत्र फाउंडेशन के अध्यक्ष और ज्योतिषाचार्य डॉ. गौरव कुमार दीक्षित ने खास जानकारी दी है. आइए जानते हैं…
ज्योतिषाचार्य डॉ. गौरव कुमार दीक्षित के मुताबिक, शादी का कार्ड हमेशा लाल या पीले रंग का होना चाहिए. काला, नीला या भूरे रंग का कार्ड कभी न बनवाएं क्योंकि ये रंग नकारात्मकता के प्रतीक हैं. इसके अलावा शादी का कार्ड हमेशा चौकोर होना चाहिए, क्योंकि कार्ड के चार कोने सुख, समृद्धि, खुशहाली, सौभाग्य के प्रतीक होते हैं. हालांकि कुछ लोग फैशन में कार्ड को तिकोना या पत्ते के आकार का बनवा लेते हैं जो कि गलत है.
सबसे पहले किसे अर्पित किया जाता है शादी का पहला कार्ड
कार्ड की छपाई हमेशा हल्के रंग की होनी चाहिए. शादी के कार्ड पर दूल्हा-दुल्हन या अन्य परिजनों का नाम भी किसी डार्क रंग से नहीं लिखा होना चाहिए. शादी का सबसे पहला कार्ड भगवान श्री गणेश को अर्पित किया जाना चाहिए, जिससे उस मांगलिक कार्य में जो भी बाधा हों उन्हें वो दूर करें.
शादी का कार्ड बनवाते समय कभी न करें ये गलती
कार्ड पर नृत्य की मुद्रा में गणेश जी की तस्वीरें लगाने से बचें. नृत्य करते हुए देवताओं की छवियां विक्षोभ के कंपन को आकर्षित करती हैं. कृष्ण और राधा की तस्वीरों को भी कार्ड पर छापने से बचना चाहिए क्योंकि वे अलगाव और दर्द को दर्शाते हैं.


