स्टैंड-अप कॉमेडियन और बिग बॉस 17 के विनर बने मुनव्वर फारूकी को साल 2021 में इंदौर में एक स्टैंड-अप कॉमेडी इवेंट के दौरान भगवान राम के बारे में कुछ असंवेदनशील टिप्पणी करने के लिए गिरफ्तार किया गया था. हालांकि, इस घटना के बाद उन्होंने गिरफ्तार किया गया और फिर शिकायत के आधार पर सलाखों के पीछे भेज दिया गया था, लेकिन करीब 35 दिन जेल में गुजारने के बाद उन्हें जमानत मिल गई. इस मामले पर मुनव्वर फारूकी और उनकी मंडली के 4 अन्य सदस्यों के खिलाफ धारा 295-ए (किसी भी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से किए गए जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य) के तहत मामला दर्ज किया गया था.
मुनव्वर फारूकी पर ये एफआईआर स्थानीय बीजेपी विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ ने दर्ज कराई थी. 6 फरवरी, 2021 को रिहा कर दिया गया था. हालांकि, इस घटना के बाद फारुकी को ऑनलाइन और ऑफलाइन लगातार ट्रोलिंग का शिकार होना पड़ा और उन्हें कई लाइव शो रद्द करने पड़े थे. अब बिग बॉस 17 को जीतने के बाद एक बार फिर मुनव्वर सुर्खियों में हैं और कहा जा रहा है कि 3 साल पुराने इस मामले में वह फिर कानूनी पचड़े में फंस सकते हैं.
दरअसल, अभियोजन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने खुलासा किया कि पुलिस विभाग ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि उन्हें 29 जनवरी, 2021 को भारतीय दंड संहिता की धारा 295-ए के तहत स्टैंड-अप कॉमेडी के खिलाफ आरोप पत्र दायर करने की अनुमति दी जाए.
दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के नियमों के मुताबिक, भारतीय दंड संहिता की धारा 295-ए के तहत दर्ज मामले में आरोप पत्र पेश करने से पहले राज्य सरकार की अनुमति आवश्यक है. तुकोगंज पुलिस थाना प्रभारी जीतेंद्र सिंह यादव ने पीटीआई को बताया, ‘मामले में हमारी जांच जारी है और अभी तक अदालत में आरोपपत्र दाखिल नहीं किया गया है. उसी रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ अभियोजन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि देरी मध्य प्रदेश राज्य सरकार की अनुमति के कारण हुई है, जिसके बाद ‘बिग बॉस 17’ के मुनव्वर फारूकी के खिलाफ आपराधिक प्रक्रिया संहिता के अनुसार आरोप पत्र दायर किया जाएगा.
आपको बता दें कि मुनव्वर फारूकी हाल ही में रियलिटी टीवी शो ‘बिग बॉस 17’ के विजेता बनकर उभरे हैं. उन्हें 50 लाख रुपये के साथ एक शानदार नई कार भी गिफ्ट के तौर पर मिली है.


